bhaskar Web English
HomeNewsHaryanaHisar Hisar

प्रेमी संग फरार हुई थी युवती

हांसी. कापड़ो गांव से बीती दो जनवरी को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई सुनीता को सीआईए पुलिस ने पानीपत से बरामद कर लिया है। वह किसी तांत्रिक के जादू टोने के चलते नहीं बल्कि अपने प्रेमी संग फरार हुई थी।

पुलिस ने उसे बहला फुसला ले जाने के आरोपी मनीष तथा उसके एक अन्य साथी उमेश को गिरफ्तार कर गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल कर ली है। पुलिस ने युवती की यहां सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच करा कर हिसार में मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के यहां पेश किया। मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज करने के लिए 14 जनवरी की तारीख दी है।

डीएसपी रणबीर सिंह हुड्डा व सीआईए प्रभारी कृष्ण लाल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में खुलासा किया कि युवती के परिजनों को गफलत में डालने के लिए मनीष तथा उमेश ने योजनाबद्ध तरीके से सुनीता के मकान में फाइबर से बने एक बुत में मांस के टुकड़े डाल कर उसे आग लगाकर छोड़ दिया था।

उनका मानना था कि युवती के परिजन समझेंगे कि उनकी लड़की मर चुकी है लेकिन वे अपनी इस योजना में सफल नहीं हो सके। पुलिस ने छानबीन के बाद पता लगाया कि युवती अपने प्रेमी मनीष तथा उसके साथी उमेश के साथ पानीपत में किराए के मकान में रह रहे हैं। पुलिस ने दबिश देकर सुनीता को पानीपत से बरामद कर लिया जबकि मनीष को उचाना के पास से बस में गिरफ्तार कर लिया।

दोनों एक ही गोत्र के
सुनीता तथा मनीष दोनों ही गोयत गोत्र के हैं। पुलिस की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों का पिछले एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चला आ रहा था। युवक युवती के घर दूध लेने के लिए आता था और इसी दौरान दोनों में प्रेम हो गया। युवक ने युवती को मोबाइल फोन भी खरीद कर दिया हुआ था लेकिन चूंकि दोनों एक ही गोत्र और एक ही गांव के थे इसलिए विवाह संभव नहीं था।

इस वजह से उन्होंने भाग कर अलग रहने का फैसला लिया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया अन्य युवक उमेश मनीष का साथी है जो पानीपत में एक प्राकृतिक चिकित्सालय में काम करता है। उमेश ने ही युवती का फाइबर पुतला डेढ़ हजार में पानीपत से खरीदा था जिसे एक बोरी में डाल कर वह कापड़ो ले आया था।

मोबाइल से पहुंची युवती के पास पुलिस
मोबाइल के नंबरों को ट्रेस करने व बारिकी से उनका अध्ययन करने के बाद पुलिस युवती के ठिकाने पर पहुंच पाई। पुलिस ने तमाम नंबरों को खंगालने के बाद उनकी लोकेशन पर खास नजर रखी हुई थी।

इसी दौरान सीआईए पुलिस में साइबर विशेषज्ञ रविंद्र ने खुद को बीएसएनएल की कस्टर केयर सर्विस का आदमी बताते हुए युवती से बात की और उसका ठिकाना पूछ लिया। मामले की गुत्थी सुलझाने वाली टीम में डीएसपी रणबीर सिंह हुड्डा, सीआईए प्रभारी कृष्ण लाल, एएसआई साधु राम, हवलदार इंद्र सिंह, नरेश, सिपाही कर्मवीर शामिल थे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: