हिंडौनसिटी/सूरौठ. लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जरों ने एक बार फिर ताल ठोंक दी है और 21 जनवरी को नेशनल हाइवे जाम करने की घोषणा की है। यहां से तीन किमी. दूर गुर्जर बाहुल्य गांव ज्ञानी का नंगला में रविवार को आयोजित महापंचायत में गुर्जरों ने कहा कि जब तक एसटी में शामिल करने की मांग नहीं मान ली जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
गुर्जर नेता मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान से भी खफा थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गुर्जर समाज से माफी मांगें, अन्यथा राजस्थान में भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री को भी दिल्ली में नहीं घुसने दिया जाएगा। आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि गुर्जरों को कोई पैकेज या गैर अधिसूचित जाति का लॉलीपोप मंजूर नहीं है।
गुर्जरों को एसटी का आरक्षण ही चाहिए। इसके लिए 21 जनवरी को भरतपुर में मलौनी गांव के निकट आगरा-जयपुर राष्ट्रीय मार्ग जाम किया जाएगा। महापंचायत में विभिन्न प्रांतों से आए गुर्जरों के निशाने पर मुख्यमंत्री ही रहीं।
गुर्जर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संरक्षक एवं दिल्ली के विधायक रामवीरसिंह विधुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के गुर्जरों को मारकर भगाने के बयान से देशभर के गुर्जर समाज में जबर्दस्त गुस्सा है। गुर्जर नेताओं ने राज्य सरकार के 4 से 6 प्रतिशत आरक्षण के शिगूफे को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि गुर्जरों को एसटी का आरक्षण दिया जाए अन्यथा देश से आरक्षण व्यवस्था ही खत्म कर दी जाए। 26 युवा गुर्जरों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने देशभर के गुर्जरों से आरक्षण के अकल्पनीय आंदोलन किए जाने का आह्वान किया।
महापंचायत को दिल्ली के विधायक सुरेंद्रसिंह नागर, बयाना के पूर्व विधायक विजेंद्रसिंह सूपा, आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता डा. रूपसिंह, पूर्व विधायक जगनसिंह गुर्जर, गुर्जर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीरसिंह जौनपुरिया, पंजाब के विधायक गुलाम नवी ने भी संबोधित किया।
बैसला से धक्का-मुक्की
कर्नल बैंसला ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया, तो महापंचायत में उपस्थित भीड़ उखड़ गई, शोर शराबा होने लगा। इस दौरान मंच पर धक्का मुक्की होने लगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पर कुछ लोगों ने 21 जनवरी को जयपुर में आयोजित महापड़ाव में भाग लेने की घोषणा करने के लिए नारेबाजी की। सभा में जारी हो-हल्ला के बीच कर्नल ने 21 जनवरी को मोलोनी पुल पर चक्काजाम करने का एलान किया।