नई दिल्ली. वर्ष 2005 में दीवाली की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय राजधानी में हुए तीन बम धमाकों के मामले में एक अदालत ने मुख्य आरोपी तारिक अहमद दार सहित उसके चार सहयोगियों पर भी आरोप तय करने के आदेश दे दिए हैं। इन धमाकों में 63 लोग मारे गए थे जबकि 227 घायल हुए थे।
29 अक्टूबर 2005 में सरोजिनी नगर बाजार, पहाड़गंज और कालकाजी में हुए इन विस्फोटों के पीछे माना जाता रहा है कि लश्करे-तैय्यबा का हाथ है। अदालत ने कहा है कि संबंधित आरोपी द्वारा गुनाह कबूल करने के बाद तीनों धमाकों का ट्रायल साथ ही कराया जा सकेगा।
दार के अलावा इस मामले में जिन पर आरोप तय किए जाने के आदेश दिए गए हैं उनमें दार के सहयोगी मोहम्मद रफीक शाह, मोहम्मद हुसैन फाजली, गुलाम अहमद खान और फारुक अहमद बटलू शामिल हैं। इन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधि एक्ट और विस्फोटक पदार्थ एक्ट के अंतर्गत आरोप तय किए जाने हैं।