bhaskar Web English
HomeNewsNational National

भारत रत्न या 'अकबरी दरबार'?

नई दिल्ली/मुंबई. देश के सर्वोच्च सम्मान का मजाक बन रहा है और इसमें चुटकुलेबाजी कर रहे हैं राजनीतिक दल और नेता। आडवाणी द्वारा वाजपेयी का नाम प्रस्तावित किए जाने के बाद जिसे जो नाम सूझ रहा है, वह बिना हिचकिचाए सामने रख रहा है।

वोटों की राजनीति और पार्टी की विचारधारा को ओढ़कर सभी दल अपने-अपने पसंदीदा व्यक्ति को इस सम्मान का हकदार बताने पर तुल गए हैं। जैसे भारत रत्न की बात न हो बल्कि अकबर के नवरत्नों का दरबार सजाने की बात चल रही हो।

अफसोस की बात तो यह है कि अब तक 40 शख्सियतों को दिया जा चुका यह सम्मान महात्मा गांधी के हिस्से में भी नहीं गया है और सभी पार्टियां ऐसे महत्वपूर्ण नामों की अनदेखी कर सिर्फ अपनी पार्टी के ही नेताओं का नाम आगे कर रही हैं।

पिछली बार डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को इस सम्मान से नवाजा गया था और कोई भी पार्टी इस नाम के खिलाफ नहीं थी लेकिन इस बार तो सबके पास अलग-अलग नाम हैं। वाजपेयी के बाद ज्योति बसु, करुणानिधि और कांशीराम का नाम विभिन्न पार्टियां रख चुकी हैं लेकिन सोमवार को तो दस नाम इस संदर्भ में सामने आए हैं।

किसने रखा किसका नाम :
1. समाजवादी पार्टी की असम इकाई ने रखा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का नाम।
2. लोक जनशक्ति पार्टी सुप्रीमो रामविलास पासवान ने सुझाए तीन नाम ज्योतिबा फुले, बाबू जगजीवन राम और मोहम्मद रफी
3. कांग्रेस नेता अजीत सिंह ने अपने पिता चौधरी चरण सिंह के लिए मांगा भारत रत्न।
4. उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अपने पिता बीजू पटनायक के लिए सम्मान मांगा।
5. सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सुझाए दो नाम आचार्य नरेंद्र देव और राममनोहर लोहिया
6. दिल्ली विधानसभा के उप सभापति शोएब इकबाल ने कहा आखिरी मुगल बहादुर शाह जफर को नवाजा जाए।
7. राष्ट्रीय जनता दल विधायक भीम सिंह ने कहा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लालू, पासवान और नीतीश जैसे नेता पैदा करने वाले करपूरी ठाकुर को दो भारत रत्न।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: