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जबलपुर. यहां नगर निगम के इतिहास में एक काला अध्याय गुरुवार को उस समय जुड़ गया, जब सदन की कार्यवाही के दौरान महिला पार्षद ने नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती अनुराधा पांडे पर काली स्याही उड़ेल कर उनका मुंह काला करने का प्रयास किया।
इसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और खुलकर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की तथा अपशब्दों की बौछार की गई। बाद में यह मामला पुलिस तक पहुंचा और दो महिला तथा एक पुरुष पाषर्द के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके साथ ही सत्तापक्ष द्वारा सदन में नेता प्रतिपक्ष दिनेश यादव व पार्षद रेखा अग्रवाल की पार्षदी अयोग्य ठहराने का प्रस्ताव पारित कर संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।
निगम में दिन भर नियम-कानून और मर्यादाओं को तोड़ा जाता रहा। विपक्ष अपनी बात मनवाने विरोध तो करता है, लेकिन जैसा विरोध गुरुवार को हुआ उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
नगर निगम परिसर में सुबह 11 बजे से हलचल नजर आ रही थी। जैसे ही सदन की घंटी बजी महापौर सहित सभी पार्षद अंदर पहुंचे। अचानक ही कांग्रेस पार्षदों ने पोस्टर निकालकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिनमें फोर लेन, जाबालिपुरम् सहित अनेक नारे लिखे थे।
अध्यक्ष श्रीमती पांडे ने कांग्रेस पार्षदों को शांत कराने का प्रयास किया और चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया तो पार्षदों ने कहा कि एजेंडे में जनहित के मुद्दे कम हैं, इसलिए पहले मॉडल रोड के तोड़े गए उन धार्मिक स्थलों पर चर्चा कराई जाए, जिन्हें बेवजह तोड़ा गया, इसके साथ ही फोर लेन निर्माण, सफाई व प्रकाश व्यवस्था पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि इन मामलों को अन्य विषयों में लाया जा सकता है, पहले तो एजेंडे पर ही चर्चा होगी। इसके बाद कांग्रेस पार्षद भड़क उठे और नेता प्रतिपक्ष दिनेश यादव आसंदी के समक्ष पहुंच कर अध्यक्ष से बहस करने लगे। इसी बीच कुछ भाजपा पार्षद भी खड़े हो गए। बहस गाली-गलौज व जोर-आजमाइश में बदल गई। पार्षद राजेश मिश्रा व जगदीश यादव ने नेता प्रतिपक्ष को वहां से हटाने का प्रयास किया। गुस्से में नेता प्रतिपक्ष ने आसंदी को धक्का दे दिया, जिससे निगम अध्यक्ष गिरते-गिरते बचीं। इसके बाद सदन आधे घंटे के लिए स्थगित हो गई।