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शिक्षकों पर लाठियां, कई घायल

रायपुर.policeforce राज्यभर से जुटे जनभागीदारी शिक्षकों पर आज दोपहर पुलिस कहर बनकर टूट पड़ी। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्थित धरनास्थल पर 50 दिन से धरना दे रहे शिक्षक मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से मिलने के लिए निकले ही थे कि करीब आधा किमी दूर महिला थाने के सामने पुलिस ने उन्हें रोक लिया। शिक्षकों ने इसका विरोध किया। इस वजह से पुलिस और आंदोलनकारियों में कुछ देर धक्का-मुक्की हुई, फिर पुलिस ने अचानक हमला बोल दिया।

इस वजह से जबर्दस्त अफरातफरी मच गई। जनभागीदारी शिक्षकों का दावा है कि लाठीचार्ज में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। लाठीचार्ज होते ही घबराए जनभागीदारी शिक्षक इधर-उधर भागने लगे। पुलिस उनके पीछे-पीछे दौड़ती रही। पुलिस ने गिरफ्तारी की तैयारी भी कर रखी थी। पस्त शिक्षकों को घेरकर पुलिस ने गाड़ियों में ठूंसा और जेल परिसर पहुंचा दिया। शिक्षकों का दावा है कि पुलिस ने करीब 1400 लोगों को गिरफ्तार किया है।

हालांकि प्रशासन ने कहा कि 600 शिक्षकों और 70 शिक्षिकाओं को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ दफा 151 लगाई गई। देर शाम तक शिक्षक रिहा नहीं किए गए थे। इस घटना के बाद शिक्षक धरनास्थल लौटे और आंदोलन फिर शुरू कर दिया। जनभागीदारी शिक्षक करीब डेढ़ महीने से शिक्षाकर्मी के रूप में संविलियन की मांग को लेकर धरने पर हैं। शिक्षकों ने भास्कर को बताया कि राज्यभर में शिक्षकों को इसकी सूचना दे दी गई थी।

कल रैली का अनुमति के लिए आवेदन दिया गया था। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की। राज्यभर से जनभागीदारी शिक्षक आज सुबह से ही जुटने लगे थे। दोपहर 2 बजे तक अनुमति के बारे में प्रशासन ने सूचित नहीं किया, तब शिक्षकों ने रैली निकालने का फैसला किया। संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में रैली बूढ़ापारा सीएसईबी चौक से गांधी चौक होकर महिला थाने तक पहुंची ही थी कि पुलिस ने रोका और लाठियां लहरा दीं।

फूट-फूटकर रोते रहे

पुलिस पर शिक्षिकाओं के साथ भी बर्बरता का आरोप लगाते हुए कई शिक्षक फूट-फूटकर रोने लगे। उनका कहना था कि पुलिस ने न सिर्फ उन्हें पीटा, बल्कि सिपाही अपशब्द कहते भी सुने गए।

शिक्षक फिर डटे

संघ के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी की वजह से शिक्षकों ने कोषाध्यक्ष मनोज षणांगी के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया। पंडाल में करीब 500 शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक फैसला नहीं होता, यहीं रहेंगे।

चौतरफा विरोध

जनभागीदारी शिक्षकों पर लाठी बरसाने का कई राजनैतिक और कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी, प्रदीप मिश्रा, दमेश मुदलियार, शरद काले, वीरेंद्र शर्मा आदि ने जनभागीदारी शिक्षकों की समस्याएं दूर करने की मांग की। शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने राज्य शासन को 26 जनवरी तक संविलयन करने अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, मनीष पुराणिक और मनमोहन शर्मा आदि ने शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन किया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास उपाध्याय तथा ग्रामीण जिला अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि वे जनभागीदारी शिक्षकों के आंदोलन में साथ रहेंगे।

लाठीचार्ज पर वीसी भड़के

मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जनभागीदारी शिक्षकों पर लाठीचार्ज की पूर्व केंद्रीयमंत्री विद्याचरण शुक्ल ने निंदा की है। उन्होंने इन शिक्षकों को शासनाधीन स्कूलों में शिक्षाकर्मी के रूप में भर्ती कर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्री शुक्ल ने कहा कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में इन शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हें नियमित करने के बजाय शिक्षकीय कार्य से दूर किया जा रहा है।





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