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फिर गर्माया गल्ला मंडी विवाद

भोपाल. राजधानी की नई करोंद मंडी का विवाद फिर गर्मा गया है। मंडी समिति ने 30 मार्च को पुरानी मंडी पर ताला लगाने की चेतावनी दे दी है, वहीं पुरानी मंडी के व्यापारियों ने मुआवजा मिले बिना हटने से इंकार कर दिया है। मामले में व्यापारियों की एसोसिएशन ने 18 जनवरी को बैठक भी बुलाई है।

पिछले 17 साल से करोंद मंडी शुरू करने को लेकर विवाद चल रहा है। इसमें एक जनवरी को पुरानी मंडी बंद करना तय था, लेकिन व्यापारियों के विरोध को देखते हुए मंडी समिति ने 30 मार्च तक की मोहलत दी है। मंडी समिति का कहना है कि 30 मार्च तक व्यापारी नई मंडी में शिफ्ट हो जाए।

यदि व्यापारी शिफ्ट नहीं होते हैं, तो भी 30 मार्च को पुरानी मंडी में ताला लगा दिया जाएगा। दूसरी तरफ पुरानी मंडी के व्यापारियों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलता, नई मंडी जाने का सवाल ही नहीं उठता। इसके अलावा नई मंडी अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से भरी है, इसलिए वहां नहीं जाएंगे।

अतिक्रमण बना परेशानी

नई मंडी के मेनगेट पर 250 से अधिक झुग्गियां अतिक्रमण के रूप में बस गई है। अंदर 31 एकड़ पर अतिक्रमण कर बनी नवाब कालोनी को बेचना स्वीकार कर लिया, पर अभी तक कीमत नहीं मिली। अंदर 15 जनवरी से मंडी समिति का ऑफिस शुरू हो चुका है। शॉप-कम-गोडाउन के आवंटन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

सब्जी मंडी के हाल

नई करोंद मंडी में 60 एकड़ पर नवबहार सब्जी मंडी शिफ्ट होना है, लेकिन अभी तक एक भी सब्जी व्यापारी वहां नहीं आया है। पुरानी मंडी में करीब 400 सब्जी व्यापारी है। मंडी समिति अध्यक्ष के अनुसार नई मंडी के लिए तीन हजार ने आवेदन किया था, लेकिन 400 ही सही पाए गए। अब अगले महीने से सब्जी व्यापारी यहां आ जाएंगे।

टर्मिनल मार्केट के लिए अलग जमीन

मंडी समिति ने अब टर्मिनल मार्केट के लिए नई जमीन देख ली है। पहले टर्मिनल मार्केट करोंद मंडी में ही 40 एकड़ में बनाया जाना था, किंतु व्यापारियों ने इसका विरोध किया। पहले से इसकी जमीन मंडी में तय नहीं थी, जिसकी वजह से व्यापारी नाराज है। इस वजह से अब मंडी समिति ने परेवारखेड़ा गांव से लगी 40 एकड़ जमीन को टर्मिनल बनाने के लिए चिन्हित किया है।

गोलीकांड की वजह से सुरक्षा बढ़ेगी

करीब डेढ़ हफ्ते पहले नई करोंद सब्जी मंडी में गोली तक चली थी। व्यापारी बताते हैं कि जब वे कुछ झुग्गीवासियों के अतिक्रमण को हटाने गए, तो उन्होंने हमला कर दिया। इस पर मंडी के गार्ड ने हवाई फायर किया था। समिति अध्यक्ष ने कहा कि अब अगले महीने से हम चार बीएसएफ के जवानों को बतौर गार्ड रखने वाले हैं।





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