Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

इंजीनियरिंग छात्र-छात्रा ने की हत्या

कोरबा. कोरबा में गुरुवार को दिनदहाड़े बीआईटी दुर्ग के छात्र और उसकी सहपाठी ने नगर निगम के सब इंजीनियर केपी गुप्ता की पत्नी साधना (37) की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। वे साधना से दस लाख रुपए की मांग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार वे लूटपाट में सफल नहीं हुए और भागने लगे। दोनों चांपा में पकड़े गए। पकड़े गए युवक शिवशंकर शुक्ला (20) बीआईटी दुर्ग में इलेक्ट्रानिक्स और टेली कम्यूनिकेशन के चौथे सेमेस्टर का छात्र है।

उसके पिता सतीश शुक्ला बालको के हैं और वहीं उनका सिक्यूरिटी सर्विस है। उसकी सहपाठी टी तेजस्वनी (19) के पिता टी शंकर भिलाई स्टील प्लांट के पर्चेस विभाग के एजीएम हैं। उसकी मां टीवीएस सरिता पेशे से शिक्षिका हैं। भिलाई में उनका आवास हास्पिटल सेक्टर में है। पुलिस के अनुसार दोनों ने योजनाबद्घ ढंग से वारदात को अंजाम दिया। दोनों को पैसों की जरूरत थी, इसलिए लूट की योजना बनाई और गुप्ता के निवास को निशाना बनाया।

दरअसल आरोपी शिव के पिता सतीश और गुप्ता बरसों से मित्र रहे हैं, इसलिए शिव की भी जान पहचान थी। योजना बनाकर दोनों बुधवार को भिलाई से बिलासपुर पहुंचे और वहां से लोकल ट्रेन पकड़कर कोरबा आ गए। वहां रात नटराज होटल में गुजराने के बाद दोनों आज दोपहर गुप्ता के साडा कालोनी स्थित निवास पहुंचे। उस समय घर पर साधना अकेली थी। पहचान होने की वजह से साधना को दोनों पर शक नहीं हुआ और उन्हें भीतर बुला लिया। बैठक में पहुंचने के बाद साधना ने दोनों को पानी दिया और उसके बाद अचानक शिवशंकर हरकत में आया साधना को जकड़ लिया। कब्जे में लेने के बाद वे उनसे दस लाख रुपए की मांग करने लगे।

साधना से जब रुपए होने से इनकार किया तो शिव उन्हें डराने लगा। इसी बीच साधना का छोटा पुत्र रोहित स्कूल से लौटा। उसे भी भीतर आते ही शिव ने दबोच लिया। साधना द्वारा रुपए होने से बार-बार इनकार किए जाने से गुस्साए शिव ने चाकू निकाला और उनकी कलाई पर वार किया। कलई कटने से खून बहने लगा, इसे देखकर वह घबरा गया और ताबड़तोड़ पेट, सीने पर वार कर किया। साधना वहीं गिर पड़ी। उस समय रोहित बेसुध था।

उसे संभवत: नशीली गोली खिला दी थी। हत्या के बाद आरोपियों ने बाथरूम में कपड़े धोए। दोनों ने घर की तलाशी भी ली। शाम 4 बजे श्री गुप्ता एक ठेकेदार की कार में जब घर पहुंचे, दोनों वहीं थे। गुप्ता के भीतर पहुंचते ही उनसे नजर बचाकर वे भाग निकले। पुलिस के अनुसार दोनों वहां से सीधे रेलवे स्टेशन गए और लिंक एक्सप्रेस में बैठ गए, लेकिन चांपा में पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। दरअसल रोहित से पुलिस का उनका सुराग मिला।

होश में आने पर पुलिस को उसने दोनों के हुलिए और कपड़े आदि के बारे में बताया। आसपास पूछताछ करने पर यह भी पता चला कि इस हुलिए के युवक-युवती सुबह 11 बजे गुप्ता के मकान के पास किसी राय का पता पूछ रहे थे। दो युवकों ने यह भी बताया कि इस हुलिए के लोग स्टेशन की ओर जाते देखे गए हैं। पुलिस ने स्टेशन में आरपीएफ को खबर दी, लेकिन लिंक एक्सप्रेस छूट चुकी थी।

आरपीएफ थाने में एक सिपाही ने पुलिस को बताया कि इस हुलिए के लोग लिंक एक्सप्रेस की जनरल या उसके पीछे की बोगी में बैठे है। उसके बाद चांपा आरपीएफ को सूचना दी गई। जैसे ही ट्रेन वहां पहुंची, पुलिस ने घेर लिया। दोनों के पास से पांच हजार रुपए नगद, दो मोबाइल, दस्तानें, जादू-टोने से संबंधित पुस्तकें मिली हैं।

इसलिए जरूरत थी पैसों की

आरोपी छात्रा पांच पेपर में फेल थी। किसी ने उसे आश्वासन दिया था कि अगर वह पैसों का इंतजाम करती हैं तो उसे वह पास करवा सकता है। चूंकि घरवालों से इस काम के लिए रुपए मिलने की उम्मीद नहीं थी, इसलिए उसने अपने साथी शिवशंकर से यह बात कहीं। शिव ने कोरबा में शेयर मार्केट से पैसों का इंतजाम करने का वादा किया। उसके बाद दोनों कोरबा रवाना हुए। ऐसा कहा जा रहा है कि इसी दौरान उन्होंने लूटपाट की योजना बना ली थी। उनसे बरामद दास्तानों की वजह से पुलिस भी मान रही है कि वारदात सुनियोजित है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: