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धरना व हंगामे के बीच कई प्रस्ताव पास

ग्वालियर. सीएसआर लागू होने की स्वीकृति से पूर्व टेण्डर बुलाने को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक में भारी हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षदों के हंगामे और धरने के बीच बहुमत के आधार पर सत्ता पक्ष ने बाजार वसूली को ठेके पर दिए जाने समेत कई प्रस्ताव पास करा लिए।

परिषद की बैठक शुरू होते ही एक अप्रैल 2007 से पीडब्ल्यूडी में लागू सीएसआर नगर निगम में स्वीकृत कराने का प्रस्ताव आया। इस पर कांग्रेस पाषर्द सुधीर गुप्ता ने कहा कि सीएसआर की स्वीकृति आज ली जा रही है, जबकि 10 दिसंबर 2007 को नगर निगम ने नए सीएसआर के आधार पर 20 करोड़ 32 लाख 48 हजार रुपए के सड़क डामरीकरण संबंधी टेण्डर बुला लिए।

इससे नगर निगम को पांच करोड़ रुपए का नुकसान होगा, टेण्डर प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है। कुछ विपक्षी पार्षदों का कहना था कि एक ही दिन में सीएसआर का प्रस्ताव बना, स्वीकृत हो गया, और उसी दिन टेण्डर हो गए। इसकी जांच कराने की मांग को लेकर विपक्षी पार्षद अध्यक्ष की आसंदी के समक्ष आ गए और हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए।

विपक्षी पार्षदों ने हुडको से लिया लोन दूसरे कार्य में लगाए जाने का विरोध करते हुए इस पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव रखा। सत्ता पक्ष वोटिंग के पक्ष में नहीं था। हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने हुडको योजनान्तर्गत विभिन्न सड़कों के निर्माण कार्य कराए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।

बैठक में दूसरा मुद्दा बाजार वसूली ठेके का आया। विपक्ष चाहता था कि बाजार वसूली का कार्य नगर निगम ही करे जबकि सत्तापक्ष इस कार्य को ठेके पर देने के पक्ष में था। दोनों पक्षों में कुछ देर तक नोक-झोंक होती रही। इस मामले पर अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह जादौन के आदेश पर वोटिंग हुई, जिसमें बाजार वसूली का ठेका दिए जाने के पक्ष में उपस्थित कुल पार्षदों में से 19 और विरोध में 17 रहे। वोटिंग के बाद अध्यक्ष ने बाजार वसूली को ठेका पर दिए जाने का निर्णय दिया।

बैठक में व्यापारियों पर व्यवसाय कर लगाने के प्रस्ताव पर भी हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि व्यापारियों पर व्यवसाय कर न लगाया जाए। इस पर भी वोटिंग हुई, जिसमें पक्ष में 23 और विरोध में 17 पार्षद रहे। सीमा निर्यात कर लगाए जाने के प्रस्ताव पर भी अध्यक्ष के आदेश पर वोटिंग हुई जिसमें पक्ष में 23 और विरोध में 16 वोट पड़े।

गालव विश्रांति गृह का किराया बढ़ाने एवं 12 प्रतिशत सर्विस टैक्स लगाए जाने का प्रस्ताव आया। इसको लेकर भी विपक्षी पार्षदों ने धरना दिया। इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया। अध्यक्ष ने बैठक 2 फरवरी को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

टेण्डर मामले में चुप नहीं बैठेगी कांग्रेस

नगर निगम द्वारा सीएसआर लागू करने से पूर्व नई सीएसआर पर टेण्डर देने के मामले पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस पार्षद सुधीर गुप्ता ने बताया कि इसमें हुई अनियमितता की लोकायुक्त से जांच कराए जाने की मांग को लेकर विपक्षी पार्षद 18 जनवरी को दोपहर 12 बजे संभागीय कमिश्नर को ज्ञापन देंगे।

बाइपास व लिंक रोड का प्रस्ताव अधर में

नगर निगम को हुडको से बाईपास और लिंक रोड के निर्माण के लिए मिले 29 करोड़ रुपये को अन्यंत्र व्यय किए जाने से बाईपास और लिंक रोड के प्रस्ताव अधर में लटक गए हैं। बताया गया है कि हनुमान बांध से ढोली बुआ का पुल, लक्ष्मीबाई पुल से गायत्री नगर पुल के दोनों ओर सड़कों का निर्माण किया जाना था।

नगर निगम हुडको के इस पैसे से चार शहर के नाके से सागरताल होते हुए बहोड़ापुर तक, पद्मा विद्यालय से केआरजी कॉलेज होते हुए गुढ़ा-गुढ़ी नाके तक, हनुमान घाटी से रामदास घाटी तक कोटेश्वर होते हुए तथा सात नम्बर चौराहे से गोले का मंदिर तक एवं हजीरे से सिमको और जेसीमिल से चार शहर का नाका तक की सड़कों का डामरीकरण करेगा।





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