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कोलकाता/काठमांडू/ढाका. पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पड़ोसी देश भूटान व नेपाल ने देश से पोल्ट्री उत्पादों के आयात पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। इस बीच, केंद्र ने कहा है कि बर्ड फ्लू अभी तक किसी मनुष्य में नहीं पाया गया है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
भूटान के चीफ वेटरीनरी आफिसर कर्मा तेनजिन ने कहा कि जब तक भारत बर्ड फ्लू की समाप्ति की घोषणा नहीं कर देता, आयात पर प्रतिबंध जारी रहेगा। नेपाल ने भारत सहित अन्य पड़ोसी देशों से पोल्ट्री उत्पादों के अवैध आयात को रोकने के लिए चैक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी है।
केंद्र ने कहा, घबराएं नहीं : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का एक दल गुरुवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचा। दल में शामिल एक अधिकारी पी. कृष्णन ने बताया कि बर्ड फ्लू का घातक वायरस एच5एन1 अभी तक किसी मनुष्य में नहीं पाया गया है। इसलिए घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
और फैला : महज 24 घंटों में बर्ड फ्लू प. बंगाल में बीरभूम जिले के किरनाहर और मुर्शिदाबाद जिले के बरवान में भी फैल गया है। यह जानकारी राज्य के पशु संसाधन विकास मंत्री अनीसुर रहमान ने दी। इस बीच, पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश से लगे बिहार, सिक्किम और असम के सीमावर्ती जिलों में चेतावनी जारी कर दी गई है।
मुर्गियां मारने का काम जारी : दक्षिण दीनाजपुर और बीरभूम जिलों में मुर्गियों को मारने का काम दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। वहीं, बांग्लादेश में तीन पोल्ट्री फार्र्मो में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद करीब 25 हजार मुर्गियां मार दी गई हैं।
अभी राहत नहीं
वॉशिंगटन.
बर्ड फ्लू का वायरस एच5एन1 सतह व उर्वरकों पर जमकर लोगों को अपना निशाना बना सकता है। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट से सामने आई है।
डब्ल्यूएचओ की एक टीम ने 2003 से अब तक सामने आए बर्ड फ्लू से 14 देशों में संक्रमित 350 लोगों का अध्ययन किया। इनमें से 217 लोगों की मौत हो गई। अधिकतर लोगों को बर्ड फ्लू सीधे पक्षियों से ही हुआ था। अध्ययन के निष्कर्ष इंग्लैंड जर्नल आफ मेडिसीन में छापे गए हैं।