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कोटा. संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक एवं विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा है कि प्रशासन महापड़ाव की अनुमति नहीं देगा तब भी जयपुर में 21 जनवरी को महापड़ाव होगा। गुंजल गुरुवार को कोटा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन्हें संगीन धाराओं में गिरफ्तार करने की साजिश रच रही है। ऐसे में गिरफ्तारी के बाद हालात बिगड़ने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश का अमन चैन बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री गोलियां चलाकर फिर से सत्ता में आने का सपना देख रही है। गुंजल ने कहा, राज्य सरकार के इशारे पर जयपुर कलेक्टर ने जानबूझकर महापड़ाव की स्वीकृति अभी तक नहीं दी है। महापड़ाव के लिए गृहमंत्री से अनुरोध कर एक सप्ताह पहले स्वीकृति मांगी थी। उन्होंने कहा कि कर्नल बैसला के नेतृत्व में आंदोलन चलाया जा रहा है, उससे कोई सरोकार नहीं है।
इंतजाम के साथ आएं
गुंजल ने गुर्जर समाज के लोगों से कहा है कि महापड़ाव का स्थान चिन्हित नहीं होने के कारण सर्दी से बचाव के साधन व खाने का सामान साथ लेकर जनपथ पर पहुंचे।
रोका तो धरना देंगे
>> राज्य सरकार ने कहीं भी गुर्जरों को प्रवेश करने से रोका तो समाज के लोग शांतिपूर्ण तरीके से उसी जगह धरने पर बैठ जाएंगे। ऐसे हालात में आमजन को तकलीफ होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
प्रहलाद गुंजल, संयोजक, संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति
कोटा में 30 गुर्जर गिरफ्तार
महापड़ाव की तैयारियां कर रहे गुर्जरों की पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी है। शहर में गुरुवार रात नौ बजे तक 30 गुर्जरों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी बंसल ने बताया कि पुलिस ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है। महापड़ाव की अनुमति नहीं दी गई है। कोटा में गुरुवार को संभावित स्थानों पर छापे मारकर 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सामान्य जनजीवन से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि किसी को घर में घुसकर गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। जिन्हें पकड़ा जा रहा है उन पर पुराने प्रकरण दर्ज हैं। इस बीच गुर्जर नेताओं व उनके समर्थकों ने अपने मोबाइल और टेलीफोन बंद कर लिए हैं। उन्हें आशंका है कि पुलिस उनके मोबाइल टेलीफोन टेप कर रही है। प्रमुख नेताओं ने अपने मोइबल नंबर बदल दिए हैं। गिरफ्तार लोगों में झालावाड़ जिले के पचपहाड़ गांव का हरिसिंह गुर्जर भी शामिल है।
गुंजल और परिजनों के घर पहुंची पुलिस
प्रशासन ने गुर्जर नेताओं को महापड़ाव में जाने से रोकने की रणनीति पर कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रमुख नेताओं की धरपकड़ में पुलिस देर रात तक लगी रही। संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक विधायक प्रहलाद गुंजल ने गुरुवार सुबह आशंका जताई थी कि सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, उनके फोन टेप किए जा रहे हैं।
इसके थोड़ी देर बाद ही एएसपी राजकुमार सादा वर्दी में आठ से दस जवानों व अधिकारियों के साथ उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने गुंजल के बारे में जानकारी ली, लेकिन उनके वहां नहीं होने पर लौट गए। गुरुवार शाम गुंजल ने किशनगंज की सभा को टेलीफोन से 35 मिनट तक संबोधित किया। इसी बीच पुलिस प्रशासन ने गुर्जरों की गिरफ्तारी शुरू कर दी है।
ऐसे चला घटनाक्रम
गुरुवार सुबह 10.30 बजे गुंजल ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
11.30 बजे पत्रकार वार्ता समाप्त करने के बाद वे बारां जिले के किशनगंज में सभा को संबोधित करने रवाना हुए।
12.30 बजे पुलिस गुंजल के बड़े भाई रामरतन गुंजल के रंगबाड़ी आवास पर पहुंची। वहां तलाशी की गई लेकिन, कोई नहीं मिला।
12.45 बजे पुलिस ने उनके भाई श्रीलाल गुंजल के रंगबाड़ी आवास की तलाशी ली।
दोपहर 1.00 बजे एएसपी सादा वर्दी में गुंजल के आवास पर पहुंचे। वहां विधायक व उनके भाई के बारे में पूछताछ की।
1.15 बजे बारां जाते समय गुंजल ने गिरफ्तार किए जाने आशंका से मार्ग बदला।
कोई खतरा नहीं: गुंजल
संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि गुर्जरों के महापड़ाव से आम लोगों की सुरक्षा कोई खतरा नहीं है। सरकार जानबूझकर इस प्रकार का माहौल पैदा कर रही है।