कोलकाता.
पश्चिम बंगाल के दो जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद शुक्रवार को कोलकाता में भी दहशत फैल गई। इस बीच, बर्दवान और बांकुरा जिलों में भी बर्ड फ्लू ने पैर पसार लिए हैं। मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने स्थिति को चिंताजनक मानते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए हैं।
कोलकाता के दक्षिण व पूर्वी हिस्सों में कौव्वों व उल्लुओं के मरने संबंधी खबरों के बाद महानगर में भी बर्ड फ्लू को लेकर भय व्याप्त हो गया। इन मरे हुए पक्षियों को एकत्र करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कई दल भेजे हैं। मनुष्यों पर फिलहाल बर्ड फ्लू का असर दिखाई नहीं दिया है, लेकिन राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों व मंडल स्तर पर अलग वार्ड बनाए गए हैं।
होटलों से भी चिकन गायब : कोलकाता के होटलों व रेस्तराओं में चिकन से बने व्यंजनों पर रोक लगा दी गई है। कोलकाता से रवाना होने वाले विमानों और हावड़ा, सियालदह तथा कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों में इनके वितरण पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।
उत्तरप्रदेश : उत्तरप्रदेश सरकार ने वन विभाग को राज्य के सभी 13 पक्षी अभयारण्यों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं तथा जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सभी 70 जिलों के कलेक्टरों को पक्षियों के असामान्य व्यवहार या अकारण मौत की तत्काल सूचना देने के आदेश दिए गए हैं। बर्ड फ्लू की आशंका से पिछले दो दिनों में राज्य में मुर्गियों की बिक्री 20 फीसदी घट गई है।
तमिलनाडु : तमिलनाडु के सभी जिलों में पोल्ट्री फार्म्स की कड़ी जांच के आदेश दिए गए हैं। राज्य में बर्ड फ्लू पर नियंत्रण के लिए छह टास्क फोर्स बनाई गई हैं।
पक्षी संहार पर अज्ञानता का असर : पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों में पक्षी संहार शुक्रवार को भी जारी रहा। मुर्गीपालन में लगे अशिक्षित व गैर जागरूक लोगों की अज्ञानता से सरकारी अभियान प्रभवित हुआ।
वाहनों पर स्प्रे : बांग्लादेश से आने वाले वाहनों पर बोंगांव तथा पेट्रापोल सीमा चौकियों के पास बीएसएफ तथा राज्य सरकार के कर्मचारी स्प्रे कर रहे हैं ताकि बर्ड फ्लू के वायरस भारत में न घुस सकें।
कतर ने लगाई रोक : दुबई से मिली खबर के मुताबिक कतर सरकार ने बर्ड फ्लू के कारण भारत से मुर्गियों के आयात पर रोक लगा दी है।