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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरबा, रायगढ़ और जगदलपुर में नए हवाई अड्डे की वक़ालत करते हुए सूबे के अतिरिक्त मुख्य सचिव जॉय उमेन ने साफ कहा कि राज्य सरकार के आवेदन पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सकारात्मक रुख अख़्ितयार करना चाहिए। रायपुर एयरपोर्ट पर ज्यादा शहरों को जोड़ने वाली हवाई जहाज की आवाजाही सुनिश्चित करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के बीच काम का साफ-साफ बंटवारा होना चाहिए।
राजधानी में उच्चस्तरीय बैठक में शिरक़त करते हुए उमेन ने साफ कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच परस्पर तालमेल न होने का ख़ामियाजा राज्य सरकार को उठाना पड़ता है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने उमेन की बात से सहमति जताते हुए कहा कि नई उड्डयन पॉलिसी में संस्थाओं की सीमाओं और कार्यक्षेत्र को और कारग़र ढंग से रखने की कोशिश की जाएगी।
क्या था बैठक का एजेंडा
राज्यों को नागरिक उड्डयन क्षेत्र में केंद्र सरकार से क्या मदद की अपेक्षाएं हैं! राज्य सरकार के सहयोग से केंद्र की यूपीए सरकार देशभर में हवाईअड्डे का जाल कैसे बिछा सकती है! हवाई जहाज में प्रयोग होने वाली ईंधन एटीएफ पर राज्यों के सेल्स-टैक्स को कैसे कम किया जा सकता है! इन्हीं सब सवालों के जवाब खंगालने के लिए संसदीय बजट सत्र से पहले नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को दिनभर का ‘ब्रेन-स्टोर्मिग-सेशन’ रखा था।
क्या शिकायत है छग सरकार को
एयरपोर्ट पर ज्यादा हवाई जहाजों की आवाजाही सिर्फ तैनात कर्मचारियों की कमी या फिर शिफ्ट का बंटवारा ठीक ढंग से न होने के कारण नहीं हो पा रही है।
एविएशन-ऑपरेशन-पॉलिसी में पारदर्शिता का घोर अभाव है।
नए एयरपोर्ट की स्थापना के लिए नियम-कानून तो तमाम बताए जाते हैं लेकिन प्रारंभिक शुल्क या फिर पीपीपी मॉडल के प्रारूप पर साफ-साफ पॉलिसी नहीं।
एयरपोर्ट पर तैनात कर्मचारियों के स्टाफ-क्वार्टर पर ढुलमुल रवैया है।
सुरक्षा के लिए तैनात सीआईएसएफ के जवान पर राज्य सरकार के अधिकारियों का कोई प्रभाव रहेगा या नहीं।