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बस के साथ शव भी खाक

रायपुर.bus ऐसा पहली बार हुआ, जब क्रुद्ध भीड़ इतनी बेपरवाह हो गई कि शव तक को नहीं हटाया और आग लगा दी। पुलिस अफसरों ने दावा किया कि जिस वक्त भीड़ ने बस फूंकी उस समय रामलायक सिंह की मृत्यु हो चुकी थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आगजनी का मामला दर्ज किया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। अपनी तरह का यह पहला मामला है, जब भीड़ ने दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को लेकर इतनी संवेदनहीनता दिखाई।

पुलिस ने बताया कि बस बस सीजी 04 ई1288 निको इस्पात की थी, जो कंपनी के कर्मचारियों को सिलतरा ले जा रही थीं। बस सुबह 8.30 बजे भिलाई से सिलतरा के लिए निकली। पटियाला ढाबे के पास एक साइकिल सवार चपेट में आ गया। लोगों ने दूर से हादसा देखा तो दौड़कर मौके पर पहुंचे। माहौल गरमाता देख चालक और कंडक्टर समेत बस में सवार फैक्ट्री का स्टाफ भाग निकला।

थोड़ी देर में काफी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने पहले तो काफी हंगामा किया। वे इतने जोश में आ गए कि यह भी पता लगाने की कोशिश नहीं की कि हादसे का शिकार युवक कौन है और उसे बस के नीचे से निकाला भी गया या नहीं। आनन-फानन में लोगों ने बस की टंकी फोड़ी और इसे आग के हवाले कर दिया। बस के साथ हादसे का शिकार युवक भी बुरी तरह जल गया। इसके बाद पहुंची पुलिस ने आग बुझवाई। इसके बादत शव निकाला गया।

चूंकि घटनास्थल के आसपास कोई गांव नहीं है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हुआ कि आगजनी किन लोगों ने की। अब तक एक व्यक्ति की पहचान हो सकी है। उरला थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ आगजनी का जुर्म दर्ज किया गया। मौके पर मिले टिफिन बाक्स पर संजय शर्मा गुदा था। पुलिस ने उसी हिसाब से उसकी पहचान के प्रयास शुरू किए। देर रात मृतक की शिनाख्त रामलायक सिंह के रूप में हुई। मृतक आरा बिहार का रहने वाला था।

फिलहाल वह प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड था। खमतराई टीआई आरके दुबे ने बताया कि एक डायरी भी मिली है, लेकिन वह बुरी तरह जल चुकी है। मामले की जांच कर रहे उरला टीआई बीएस जागृत ने बताया कि पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए आगजनी में शामिल लोगों की पहचान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी।

देर से पहुंची पुलिस

प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही बस खाक हो चुकी थी। यही वजह है कि पुलिस पहुंची, तो आगजनी करनेवाला एक भी युवक नहीं मिला। सिटी एसपी डा. लाल उमेद सिंह अतिरिक्त फोर्स लेकर उरला के लिए रवाना हुए। सूत्रों ने तो ये भी कहा कि फायर ब्रिगेड भी देरी से पहुंची।

संवेदनहीनता : एसपी

रायपुर एसपी अमित कुमार ने माना कि भीड़ ने संवेदनहीनता का परिचय दिया है। आगजनी के मामले में जो भी व्यक्ति शामिल होगा, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि हादसे के शिकार व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। उसके बाद भीड़ ने बस फूंकी।





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