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जयपुर.
महावीर नगर निवासी जौहरी राजेश जैन के निवास वात्सल्य के सामने से 11 जनवरी को अपहरण किए उनके पुत्र मिहिर को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर बरामद कर लिया। बालक को वैशाली नगर थाना अंतर्गत 200 फुट बाईपास के समीप करणी पैलेस होटल से 1 कि.मी दूर घनश्याम विहार कॉलोनी के एक मकान से बरामद किया गया है। उसे एल्यूमिनियम के बड़े बक्से में बंद करके रखा हुआ था, जिसमेँ सांस लेने के लिए छेद किए हुए थे।
मिहिर के अपहरण में राजेश जैन के परिचित ही आरोपी निकले। बालक को छोड़ने के लिए आरोपियों ने 16 जनवरी को एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। इस बात को पुलिस व बालक के परिजनों ने गुप्त रखा था। एडीजी क्राइम ए.के.जैन व जयपुर रेंज प्रथम के आईजी पंकज कुमार सिंह ने शाम को पत्रकारों को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने यह वारदात पैसों के खातिर की। इसमें भरतपुर के लोगों को भी शामिल किया।
यह भी आशंका है कि अपहरण करने वालों ने यूपी के गिरोह से भी संपर्क साधा था। गिरफ्तार आरोपी अजमेर जिले के सरवाड़ गांव का निवासी राजकिशोर सिंह (22) है। वह यहां एसएफ मानसरोवर में रहता है और जमीनों की दलाली का काम करता था। नामजद आरोपियों में सरवाड़ का ही सागर सिंह व भरतपुर का वीरेंद्र सिंह है। पुलिस महानिरीक्षक जयपुर रेंज प्रथम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को पुलिस को शक होने पर राजेश जैन के कुछ परिचितों से पूछताछ की।
इस पर प्रदेश के बाहर से कुछ लोगों के लाने तथा फिरौती के लिए अपहरण करने की जानकारी सामने आई। इसी दौरान मिहिर के पिता के परिचित के पास एक करोड की फिरौती देने का मैसेज आ गया। पूछताछ में पता चला कि अपहर्ता मिहिर को सीकर रोड पर छीपा रखा है। इस पर पुलिस ने सादा वर्दी में इलाके में निगरानी रखना शुरु किया तो करणी पैलेस के पास एक मकान में संदिग्ध गतिविधि लगी। तब पुलिस ने शुक्रवार शाम को दबिश देकर एसफएस निवासी ब्रज किशोर को गिरफ्तार कर लिया।
नाकेबंदी हटाई, पुलिस ने ली राहत की सांस
मिहिर के मिलने के बाद शाम को शहर में की जा रही ए श्रेणी की नाकेबंदी को हटा लिया गया। सात दिन तक शहर में की जा रही नाकेबंदी हटने से पुलिस ने राहत की सांस ली। अचानक नाकेबंदी हटते ही शहर के लोगों को भी इस बात का आभास हो गया कि मिहिर मिल गया।
आगे पुलिस अधिकारी,पीछे मिहिर
मिहिर को पांच बजे वात्सल्य लाया गया। वह अपने परिजनों के साथ कार में था। इस कार के आगे पुलिस कार में एडीजी क्राइम व आईजी रेंज प्रथम आदि चल रहे थे।
दो दिन सांगानेर इलाके में रखा
अपहर्ता मिहिर को सांगानेर ले गए। इसके बाद उसे न्यूसांगानेर रोड ले जाया गया। यहां उसे 14 जनवरी तक रखा तथा इसी दिन उसे घनश्याम विहार में ले आए। यहां का मकान आरोपियों ने 12 जनवरी को ही किराए पर लिया था। यहां से ही बालक शुक्रवार को बरामद हुआ।
नशे के इंजेक्शन दिए
मिहिर का अपहरण करने के बाद आरोपियों ने उसे पूरे होश में नहीं रहने दिया। उसे नींद के इंजेक्शन दिए जाते रहे। मिहिर को लेने जब पुलिस व परिजन पहुंचे उस समय भी वह अद्र्वचेतनावस्था में था।
होश में आने पर दी जाती थी मारने की धमकी
मिहिर को अपहर्ता सुबह चाय व दूध के साथ बिस्कुट खिलाते थे। रात 11 बजे उसे खाना देते थे। होश में आने पर उसे जान से मारने की धमकियां देकर चुप करा दिया जाता। कई बार उसे घर पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।