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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के लिए शुक्रवार ‘गुड-फ्राइडे’ सा साबित हुआ। रामअवतार जग्गी हत्याकांड में उनके खिलाफ जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश की गई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस फैसले से बेहद खुश दिख रहे जोगी ने बताया कि जग्गी हत्याकांड में पहले मेरे पुत्र अमित जोगी को बिना वजह फंसाया गया।
राजनीतिक विद्वेष से दायर किए गए झूठ के पुलिंदे को जब हर न्यायालय ने बारी-बारी से खारिज किया तो हमारे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। आश्वस्त दिख रहे जोगी ने कहा कि कोर्ट अब यह भलीभांति समझ चुका है कि जग्गी हत्याकांड में हमारे परिवार को और मुझे जबरन धकेलने की कोशिश की जा रही है, शायद इसीलिए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले पहली ही सुनवाई में खारिज़ कर दिया।
इससे पहले गुरुवार को जोगी ने सपत्नीक १क् जनपथ में कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बीमारी के बाद कुशलक्षेम पूछने का जोगी का यह पहला मौका था। पंद्रह मिनट चली मुलाकात में जोगी ने छग के अपने दौरे और राज्य की राजनीतिक हालातों का ब्यौरा सोनिया गांधी को दिया।