|
News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना की प्रदेश में धमाकेदार शुरुआत के बाद दूसरे दिन से ही गड़बड़ी की शिकायत मिलने लगी है। योजना में घालमेल करने वालों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के आदेश के बाद भी पुलिस ने ग्रामीणों की रिपोर्ट नहीं लिखी। 16 जनवरी को प्रदेश के 16 जिलों में मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने योजना में सभी गरीबों को महीने में 3 रुपए किलो में 35 किलो चावल देने की घोषणा की थी।
अभी योजना शुरू हुए दो दिन भी नहीं हुए थे कि मदनपुर गांव में चावल लेने वाले आधा दर्जन से अधिक गरीबों को 3 से 5 किलो कम चावल मिला। सोसाइटी से चावल लेकर जाने के बाद जब एक ग्रामीण ने घर में तौल किया तो 7 किलो चावल कम निकला। उसने अन्य लोगों को इसके बारे में बताया। इसके बाद जब सभी ग्रामीणों ने तौल करना प्रारंभ किया तो उनका चावल कम मिला।
गांव के रामकिशुन यादव को 27 किलो, हरप्रसाद यादव 27 किलो, ध्रुव कुमार यादव 31 किलो, महावीर साहू 31 किलो, सुमित्रा साहू 32 किलो, कन्हैया राम 28 किलो, गोविंद नाई की बोरी में 34 किलो चावल निकला। यह पता चलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सहकारी समिति वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने रतनपुर थाना पहुंचे। यहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें अनसुनी करते हुए लौटा दिया। ग्रामीण चुपचाप अपने गांव लौट गए।
इस समय तक अन्य ग्रामीण भी इकट्ठे हो गए थे। इसकी सूचना उन्होंने कलेक्टर सुबोध सिंह को देने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की किसी भी योजना का उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरपंच व सचिव द्वारा हेरफेर कर ब्लैक में मिट्टी, चावल, गेहूं का वितरण किया जाता है। घालमेल से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हम उपस्थित नहीं थे: इस मामले में जब मदनपुर के सरपंच मोहनलाल कोसले व सचिव जेएल नागराज से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि वे सोसाइटी में मौजूद ही नहीं थे। गांववालों का कहना है कि समिति सरपंच के नाम से है। सरपंच का भाई ही चावल तौल रहा था। इसके बाद सरपंच का कहना था कि वह ग्रामीणों को बाकी चावल देने के लिए तैयार है।