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बीकानेर. राजस्थान आवासन मंडल की नई परियोजनाओं में अपेक्षाकृत सस्ते मकान देने की घोषणा के बाद अचानक हाउसिंग बोर्ड के मकानों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ गया है। बीकानेर स्थित आवासन मंडल के दफ्तर में पिछले दो दिन में विशेष पंजीकरण योजना के सात सौ फार्म बिक चुके हैं जबकि मांग बढ़ती जा रही है।
हालात यह है कि मुक्ताप्रसाद नगर के लिए विशेष पंजीकरण योजना के तहत मकानों की संख्या सिर्फ 80 है और सात सौ आवेदन-पत्र बिकने के बाद भी मांग बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को आवासन मंडल ने इस योजना के लिए 250 आवेदन-पत्र और मंगवाए। ये आवेदन भी देखते ही देखते बिक गए।जानकारों का कहना है कि आवासन मंडल के मकानों को गुणवत्ता के साथ सस्ते बनाने की योजना के कारण लोगों का आकर्षण इस ओर बढ़ा है।
अब तक आमधारणा यह बनी हुई है कि हाउसिंग बोर्ड के मकान महंगे होने के बाद भी गुणवत्ता वाले नहीं होते। पिछले काफी समय से बोर्ड के मकानों को गुणवत्तायुक्त बनाने लिए कई तरह के प्रयास किए गए जिसमें मकान मालिक की देख-रेख में मकान बनवाने की योजना भी बनाई गई लेकिन इसके बावजूद कीमत पर अंकुश नहीं लगाया जा सका।
कई बार तो व्यक्ति जितनी कीमत में मकान की बुकिंग करवाता, उससे दस फीसदी तक अधिक राशि चुकानी पड़ती। इसे देखते हुए लोग हाउसिंग बोर्ड के मकान नहीं लेना चाहते। पिछले दिनों बोर्ड के अध्यक्ष अजयपालसिंह ने यह घोषणा की थी जिससे लोगों को ऐसा लग रहा है कि सिर्फ नीतियों में ही परिवर्तन नहीं होगा बल्कि मकानों की कीमतों में जो इजाफा हो रहा है, उस पर भी अंकुश लगेगा।
हालांकि अभी तक यह घोषणा ही है और अभियंता इस काम में जुटे हैं। सस्ते मकान किस तरह के बनेंगे, इसे लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है लेकिन जनता के समर्थन को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि अंतिम तिथि तक विशेष पंजीकरण योजना के तहत बिकने वाले आवेदनों की संख्या 1500 हो जाए।