|
भोपाल. राज्य सरकार के खजाने से महीने या हर हफ्ते भुगतान पाने वालों को अब चैक की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे बैंक से जाकर अपने रुपए निकाल सकेंगे। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रानिक चैक क्लीयरिंग सिस्टम (ईसीसी) शुरू करने जा रही है।
इस व्यवस्था से राज्य के साढ़े पांच लाख अधिकारी कर्मचारियों को अपनी तनख्वाह और ठेकेदारों को भुगतान समय से भुगतान हो सकेगा। यह व्यवस्था शेयर मार्केट की तरह होगी, जहां शेयर होल्डर्स शेयर का डिविडेंड (लाभांश) बिना चैक के उसके खाते में पहुंच जाता है। इसी तरह राज्य सरकार से वेतन और भुगतान पाने वालों को अब बिना चैक के ही खाते में राशि मिल सकेगी।
क्या है सिस्टम
इलेक्ट्रानिक चैक क्लीयरिंग सिस्टम के माध्यम से भुगतान होने की प्रक्रिया सरल होगी। इस व्यवस्था के तहत कोष एवं लेखा और ट्रेजरी से भुगतान के लिए चैक नहीं दिए जाएंगे। बल्कि उन्हें भुगतान के लिए ईसीसी चैक काटा जाएगा, जिसमें आहरण वितरण अधिकारी को पेन ड्राइव, फ्लापी या सीडी मिलेगी।
पेन ड्राइव में जो डाटा रहेगा, उसकी एक कापी होगी, जिसमें ट्रैजरी आफिस के हस्ताक्षर रहेंगे। इस कापी को जैसे ही बैंक के सिस्टम में डाउन लोड किया जाएगा, खातधारक तुरंत ही बैंक से उस राशि का आहरण कर सकेगा।
फिलहाल क्या
मौजूदा व्यवस्था में ट्रेजरी आहरण वितरण अधिकारियों को अलग अलग भुगतान के चैक जारी करती है, जिन्हें बैंक में जमा किया जाता है। जहां चैक क्लीयरिंग में दो से तीन दिन का समय लग जाता है।
बाद में अलग अलग खाते में पैसा जमा होता है। इस प्रक्रिया से अधिकारी कर्मचारियों और अन्य भुगतान पाने वालों को दो से तीन दिन और ज्यादा समय भी लग जाता है।