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जबलपुर.
हाईकोर्ट ने आज अपने क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रध्वज के अपमान के मामले में भोपाल की सीजेएम कोर्ट द्वारा टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के खिलाफ दर्ज किए गए मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
निर्देश पर जस्टिस राकेश सक्सेना की अदालत ने इस पुनरीक्षण याचिका को दर्ज करने का निर्देश देते हुए शिकायतकर्ता को शोकॉज नोटिस जारी करने के लिए भी कहा है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि कथित अपराध पर्थ में हुआ जो भारत से बाहर है। बिना केन्द्र सरकार की अनुमति के ऐसे मामले की न तो जांच की जा सकती है और न ही उस पर कोई मुकदमा चलाया जा सकता है।
जस्टिस सक्सेना की कोर्ट में यह मामला चीफ जस्टिस द्वारा भेजा गया था। सीजे ने इस मामले पर संज्ञान लेकर भोपाल के सीजेएम द्वारा सानिया मिर्जा के खिलाफ दर्ज मामले की वैधानिकता का परीक्षण करने को कहा था।
जस्टिस सक्सेना ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों से लगता है कि भोपाल के सीजेएम ने उक्त शिकायत की सुनवाई करते हुए अपने क्षेत्राधिकार का गलत इस्तेमाल किया है।हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न सीजेएम द्वारा दिए गए आदेश को खारिज किया जाए?
गौरतलब है कि विगत 2 जनवरी को अनेक समाचार पत्रों में टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की एक तस्वीर प्रकाशित हुई थी। तस्वीर में सानिया के पैर के पास राष्ट्रध्वज था। ऐसी ही तस्वीर न्यूज चैनलों में भी दिखाई गई थी।
इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताकर भोपाल के प्रकाश कुमार ठाकुर द्वारा दायर किए गए मामले को भोपाल के सीजेएम ने विगत 9 जनवरी को दर्ज किया था। सीजेएम ने सानिया मिर्जा को प्रथम दृष्टया आरोपी पाते हुए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा 2 के तहत उसके खिलाफ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे।