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लखनऊ.उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को राज्य सरकार के साथ परियोजनाओं में भागीदार निजी कंपनियों में 30 फीसदी आरक्षण की घोषणा कर दी। अब उन सभी निजी आउटसोर्सिग कंपनियों को ‘स्वैच्छा’ से आरक्षण लागू करना होगा जो शासकीय व अर्धशासकीय विभागों, निगमों, परिषदों व संगठनों के साथ काम करने की इच्छुक हैं।
मायावती ने कहा, यह फैसला वीरवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। राज्य में सब्सिडी लेने वाली निजी कंपनियों में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, पिछड़े धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग व ऊंची जाति के गरीबों के लिए स्वैच्छिक आधार पर 10-10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
निजी क्षेत्र में आरक्षण की आहट
पूर्व में मायावती ने राज्य में बीमार सरकारी उद्योगों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को 30 फीसदी आरक्षण के बदले स्टांप ड्यूटी, ट्रेड व एक्साइज टैक्स में रियायत के साथ ऋण माफी की पेशकश की थी।
वीरवार को केंद्र ने इंसेंटिव देकर निजी क्षेत्र में विकलांगों को नौकरियां दिलाने का फैसला किया है। यूपीए सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में भी सकारात्मक उपायों से निजी क्षेत्र में आरक्षण लाने का लक्ष्य शामिल है।