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कोटा. जयपुर में 21 जनवरी को प्रस्तावित गुर्जरों के महापड़ाव को देखते हुए कोटा संभाग में भी गुर्जर नेताओं की धरपकड़ तेज हो गई है। पुलिस ने शुक्रवार को संभाग के चारों जिलों कोटा, बूंदी, झालावाड़ व बारां में 136 गुर्जरों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया।
उधर, जिला कलेक्टर ने गुर्जर समाज की ओर से 21 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव और 20 जनवरी को मोहर्रम को देखते हुए कोटा जिले में धारा 144 लगा दी है। इस बीच, संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक व विधायक प्रहलाद गुंजल ने गुर्जर बहुल इलाकों में मोटरसाइकिल पर बैठकर संपर्क किया।
जयपुर में महापड़ाव की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने गुरुवार से ही गुर्जर नेताओं की धरपकड़ शुरू कर दी थी, जो शुक्रवार को भी जारी रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को कोटा शहर में 37, देहात में 68, बारां में 18 व बूंदी में 13 गुर्जर नेताओं को गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश करके न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया गया।
शहर एसपी विशाल बंसल ने बताया कि दूध बेचने वालों को नहीं, बल्कि समाज के प्रमुख लोगों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है। दूसरी ओर, विधायक प्रहलाद गुंजल ने बंधा धर्मपुरा व मंडाना क्षेत्र में गुरुवार को देररात तक समाज के लोगों से संपर्क किया। वे सभी स्थानों पर दुपहिया वाहन से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि गुर्जर नेताओं की धरपकड़ से महापड़ाव को विफल करने की सरकार की मंशा लोगों के सामने आ चुकी है। यह समाज के मान-सम्मान की लड़ाई है। इसे समाज मिलकर लड़ेगा।
उन्होंने जारी बयान में कहा कि सरकार गुर्जर समाज को बार-बार 4 से 6 प्रतिशत घुमंतु जातियों के आरक्षण की बात कहकर गुमराह कर रही है। यह चिट्टी केवल झूठ का पुलिंदा है। मुख्यमंत्री गुर्जर व पुलिस को आमने-सामने करने में लगी हुई है। उन्होंने समाज के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर अवमानना याचिका को बेबुनियाद बताया।
कोटा में 25 तक धारा 144
जिला कलेक्टर ने गुर्जर समाज की ओर से 21 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव और 20 जनवरी को मोहर्रम को देखते हुए कोटा जिले में धारा 144 लगा दी है। यह आदेश 19 जनवरी से लागू होकर 25 जनवरी मध्य रात्रि तक प्रभावशील रहेगा।