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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. इंकम टैक्स गजेटेड आफिसर्स कांफ्रेस के आखिरी दिन अधिकारियों ने सीबीडीजी के चेयरमैन श्री प्रसाद के सामने समस्याओं का पिटारा खोल दिया। आईटीएफ दिल्ली के वाइस प्रेसिडेंट पीवी रामचंद्रन ने कहा कि अर्थशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार जब भी प्रत्यक्ष कर का कलेक्शन अप्रत्यक्ष कर से अधिक होता है, तो मुद्रास्फीति घटती है। लेकिन देश में उलट स्थिति चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल विभाग ने रिकार्ड रेवेन्यू कलेक्शन किया। इसके बावजूद गजेटेड अफसरों को इंसेंटिव नहीं मिला।
आईआरएस के पास लैपटाप नहीं
आईटीगोआ के आल इंडिया एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल राजेश डी मेनन ने अधिकरियों के पास लैपटाप का न होना दुर्भाग्यजनक बताया। कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने के बाद विभाग ने अभी तक आटीओ और अधिकारियों को अब तक लैपटाप उपलब्ध नहीं करा पाया है।
नवंबर-दिसंबर में काफी प्रेशर
अधिकारियों ने कहा कि साल के आखिरी दो महीनों में असेसमेंट के कारण काम का प्रेशर लगातार बढ़ा है। श्री मेनन का कहना है कि एक-एक अधिकारी के पास 1400 से 1800 असेसमेंट के केसेस रहते हैं। इसका प्रेशर इतना ज्यादा है कि देश में कई ब्रांचों के अधिकारियों ने तनाव के कारण वालेंटरी रिटायरमेंट तक ले लिया है।
अधिकारियों की कमी
कांफ्रेस में इस बात को चेयरमैन ने भी स्वीकारा कि अधिकारियों की कमी के कारण असिस्टेंट कमिश्नर व ऊपर के अधिकारियों पर काफी अधिक वर्क लोड रहता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में आईआरएस की संख्या में इजाफा करवाया है। कुछ साल पहले सालाना 35 से 40 आईआरएस आते थे, अब लगभग डेढ़ सौ आ रहे हैं।
रिटायरमेंट की दिक्कतें
श्री मेनन ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को सबसे अधिक दिक्कत ट्रांसफर और ठीक रिटायरमेंट के पहले चार्जशीट दाखिल होने के कारण होती है। कुछ केसेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के अधिकारी पर रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी गई। ऐसे में अफसर कई समस्याओं में घिर जाते हैं।
बोर्ड की अपनी सीमा : प्रसाद
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन आर प्रसाद ने इंकम टैक्स गजेटेड अधिकारियों की समस्याओं को सुनने के बाद कांफ्रेस में कहा कि बोर्ड की भी अपनी सीमा है। वित्त मंत्री को समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। पिछले साल हमने 2 लाख 67 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन किया। तब फायनेंस मिनिस्टर ने इसे बढ़ाकर 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए कर दिया। इसके एवज में पिछले साल 195 करोड़ रूपए का इंसेटिव मिला व इस साल 500 करोड़ रूपए का इंसेटिव मिलने की संभावना है।