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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
नई राजधानी क्षेत्र में मंत्रालय भवन और सड़कों की आधारशिला रखने राखी पहुंचे मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वे गांव से नहीं हटने पर अड़ गए। शोर-शराबे के बीच सीएम ने घोषणा की कि यदि गांववाले शासन द्वारा करीब ही बनाए गए पक्के मकानों में नहीं जाना चाहते तो उन्हें नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राखी के जिन लोगों को विस्थापित करने का प्रस्ताव था, उनके लिए करीब ही हाउसिंग बोर्ड ने पक्के मकान बनाए हैं। वहां पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वे गांव के कच्चे मकानों से बेहतर हैं। वहां जाने से ग्रामीणों को फायदा होगा। इसके बाद भी अगर वे नहीं जाना चाहते तो सरकार जबर्दस्ती नहीं करेगी। इस बारे में गांव के बुजुर्ग राय मशविरा कर सरकार को दो दिनों में अवगत करा दे।
उसी आधार पर सरकार फैसला करेगी। ग्रामीणों की राय के बाद फैसला होने पर फिर उसे बदलना मुश्किल होगा, इसलिए नफा-नुकसान को देखते हुए वे सही निर्णय करें। अगर ग्रामीण यहीं रहना चाहते हैं तो सरकार उन्हें यहां भी सड़क, पानी, बिजली मुहैया कराएगी। नई राजधानी राखी समेत तीन गांवों की जमीन पर बसाई जाएगी। डा. रमन ने राखी में कैपिटल कांप्लेक्स के लिए जेसीबी से मिट्टी खोदकर नींव रखी।
पूजा-पाठ की औपचारिकता तक ग्रामीण शांत रहे। फिर मंच पर जैसे ही नेता पहुंचे, ग्रामीणों की भीड़ में से एक व्यक्ति हंगामा करने लगा। वह नशे में बताया जा रहा है। उसने राखी को उजाड़ने का विरोध किया और इसके पहले कि पुलिस उसे संभाल पाती, भीड़ उठ खड़ी हुई। अचानक माहौल में गरमाहट आ गए। ग्रामीण विस्थापन का विरोध करने लगे। उनके हंगामे के बीच ही सांसद रमेश बैस ने भाषण दिया।
इस अप्रत्याशित विरोध से मुख्यमंत्री के चेहरे पर तनाव दिखा। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और दोनों विकल्प सुझाए। उन्होंने कहा कि नई राजधानी हजारों लोगों को काम देगी। यह छत्तीसगढ़ का हृदय बनेगा। कैपिटल कांप्लेक्स अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसे खूबसूरत शहर बनाया जाएगा। भोपाल ताल की तरह यहां बड़ी झील होगी। चौड़ी सड़कें होंगी और तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अत्याधुनिक खूबसूरत शहर बनने से उनका भी जीवनस्तर ऊपर उठेगा। 179.12 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह भवन दो साल में तैयार हो जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद रमेश बैस ने कहा कि यह शहर लोगों को आर्थिक समृद्धि दिलाएगा। लोगों को शहर में काम मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मंच पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर, लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, कृषि मंत्री मेघाराम साहू, आरडीए अध्यक्ष श्याम बैस और राखी के सरपंच कृष्ण कुमार साहू भी मौजूद थे। मिनट टू मिनट प्रोग्राम में सभी अतिथियों के बोलने के लिए आधा घंटा रखा गया था।
लेकिन ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए इसे काट दिया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री गणोश राम भगत ने आभार प्रदर्शन कर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी। उसके बाद नई राजधानी क्षेत्र से फोरलेन सड़क निर्माण की आधारशिला रखी गई।