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इंदौर. छह दशक पुराने किराएदार का सामान मकान मालिक ने गुंडों की मदद से बाहर फेंक दिया। मकान में तोड़फोड़ भी की। सोमवार को इंदौर पहुंचे किराएदार की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर सामान घर में रखवाया।
मामला 562 एमजी रोड का है। रीगल टॉकीज और खादीवाला पेट्रोल पंप के बीच स्थित यह मकान नरेंद्र कुमार शिंदे का है। नीलम पति प्रबोध सेठ यहां 1941 से किराएदार हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। इनमें से एक जय्यु के पति नचिकेत पटवर्धन ख्यात फिल्म निर्माता हैं। वे देवी अहिल्या पर फिल्म भी बना चुके हैं। उनसे मिलने मुंबई र्गइ श्रीमती सेठ डेढ़ महीने से वहीं रह रही थीं।
रविवार को किसी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि घर में तोड़फोड़ शुरू करके मकान मालिक ने उनका सामान बाहर फेंक दिया है। श्रीमती सेठ ने इंदौर आकर सोमवार को शिकायत तुकोगंज थाने में की। दोपहर को पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर लौट गई। शाम 5 बजे 15-20 लोग मौके पर पहुंचे और किराएदार को धमकाना शुरू कर दिया। 5.30 बजे पुलिस दोबारा पहुंची और ताला खुलवाकर कब्जा दिलवाया। तीन लोगों (व्यासफला निवासी चेतन, प्रवीण, स्नेहलतागंज निवासी विपिन मोडवे) को हिरासत में भी लिया। आसपास के लोगों के अनुसार मकान शिक्षा मंत्री लक्ष्मणसिंह गौड़ ने खरीदा है।
बगैर किसी नोटिस के फेंका सामान
श्रीमती शिंदे ने बताया अब तक कोई विवाद नहीं था। डेढ़ महीने से बेटी के यहां थी। इस दौरान मकान का सौदा हुआ। मकान मालिक ने बगैर किसी नोटिस के सामान बाहर फेंक दिया।
सांसद भी पहुंचीं मिलने
श्रीमती सेठ और बेटी दामाद (पटवर्धन दंपति) से सांसद सुमित्रा महाजन भी मिलने पहुंचीं। उन्होंने कहा मैंने पुलिस से कहा है कि वह वृद्ध महिला की मदद करें। उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लें ताकि गुंडे फिर इस ओर न झांक सकें। उन्होंने उक्त संपत्ति से शिक्षा मंत्री का ताल्लुक होने से भी इंकार किया और कहा उनका नाम बेवजह घसीटा जा रहा है।
मेरा गुंडों से कोई लेना-देना नहीं-टोंग्या
मकान मालिक नरेंद्र शिंदे से उक्त बेशकीमती संपत्ति खरीदने वाले विश्व हिंदू परिषद के नेता पिं्रस पाल टोंग्या ने कहा गुंडागर्दी करके सेठ दंपति का सामान बाहर फेंकने वालों से मेरा कोई लेना-देना नहीं। मंने मकान मालिक से खाली संपत्ति का सौदा किया और उनके संपत्ति खाली करके देने पर ही पूरा भुगतान करने की बात हुई है।