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भोपाल. जेल बंदियों के साथ बेरहमी से पिटाई के मामले में सत्र न्यायाधीश रेणु शर्मा ने जांच के आदेश दिए है। यह जांच कलेक्टर राजकुमार माथुर को सौंपी गई है। सोमवार को मजिस्ट्रेट लालाराम मीणा की अदालत में जेल से नईम नामक युवक को पेश किया गया।
आम्र्स एक्ट का आरोपी नईम कटघरे में लड़खड़ा कर बैठ गया। जब मजिस्ट्रेट ने खड़े होने को कहा तो उसने बताया कि जेल में इतनी पिटाई हुई है कि वह खड़ा नहीं हो सकता। नईम ने शर्ट उतारकर पिटाई के निशान दिखाए। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने नईम का मेडीकल करवाने के आदेश दिए।
नईम ने बताया जेल में खराब खाना देने की शिकायत करने पर से चक्कर अधिकारी और सीनियर बंदियों ने 'गोल' पर ले जाकर उसके साथ जमकर की। वहीं विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) शैलेंद्र शुक्ला की अदालत में पेश आरोपी बादशाह ने भी बेरहमी से पिटाई की बात बताई। दोनों मामलों की जानकारी मिलने के बाद सत्र न्यायाधीश रेणु शर्मा ने कलेक्टर राजकुमार माथुर को जांच के आदेश दिए है।
महिला के खिलाफ दर्ज होगा मामला
मंगलवारा थाना क्षेत्र में हुए कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में बयान पलटने वाली महिला के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। सत्र न्यायाधीश रेणु शर्मा ने बयान बदलने वाली महिला से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इस मामले में फरियादी महिला की शिकायत पर मंगलवारा पुलिस ने राहुल और अनुराग शर्मा के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया था।
इसके बाद महिला अदालत में गवाही देते हुए पुलिस बयान से मुकर गई। महिला ने कहा कि उसके साथ कोई बलात्कार नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।