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भोपाल. अगले शैक्षणिक सत्र 2008-09 से निजी व्यावसायिक संस्थानों में आरक्षण लागू कर दिया जाएगा। हाल ही में आए हाई कोर्ट के एक निर्देश के बाद सरकार ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा लगाई गई एक याचिका का सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अगले सत्र में आरक्षण लागू करने के आदेश दिए हैं।
निजी व्यावसायिक संस्थानों में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों में अब अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के छात्र छात्राओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी। अभी सिर्फ शासकीय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में ही आरक्षण लागू है।
व्यासायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं पीईटी, प्री एमसीए, प्री एमबीए, फार्मेसी आदि के नियमों में इसका प्रावधान किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार निजी संस्थानों में उपलब्ध राज्य कोटे की 65 प्रतिशत सीटों में से आधी सीटों पर आरक्षित वगर्र्ेा के छात्र छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। इनके शिक्षण शुल्क की राशि सरकार द्वारा निजी संस्थाओं को अदा की जाएगी।
यानि अब पीईटी के माध्यम से आने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए सिर्फ 32.5 प्रतिशत सीटें ही उपलब्ध होंगी। हाईकोर्ट के जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस अजीत सिंह की बेंच ने राज्य सरकार के ढीले रवैये पर आपत्ति जताई है। कोर्ट ने कहा है कि 2007 में बने अधिनियम में प्रावधान होने पर भी इसे लागू नहीं किया गया। कोर्ट ने अधिनियम के अनुसार अपीलीय प्राधिकरण न बनाए जाने पर भी सरकार को फटकार लगाई है और मार्च 2008 तक अपीलीय प्राधिकरण बना लिए जाने को कहा है।
प्रवेश संबंध नियम भी बदलेंगे
अगले सत्र से निजी संस्थानों के प्रवेश संबंधी नियमों में आरक्षण के अलावा भी कुछ और नियम बदले जाने के आसार नजर आ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री नागेंद्र सिंह ने इस बात के संकेत दिए हैं। प्रवेश कमेटी की वेबसाइट के उद्घाटन के अवसर पर श्री सिंह ने चर्चा में कहा है कि पिछले साल प्रवेश प्रक्रिया में देरी होने की वजह से नीति संबंधी बातों पर विचार नहीं किया जा सका, इस सत्र में कुछ नयी नीतियां बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
श्री सिंह ने प्रदेश के विकास और रोजगार के क्षेत्र में निजी संस्थानों के योगदान की सराहना करते हुए उनकी मांगों पर विचार करने की ओर भी इशारा किया है। इस बात से समझा जा रहा है कि सरकार अगले सत्र से मैनेजमेंट कोटे के बारे में कोई फैसला ले सकती है।
मई में होगी पीईटी
कोर्ट के आदेश के बाद पीईटी के नियमों में आरक्षण का प्रावधान करने की तैयारी के चलते पीईटी मई के दूसरे सप्ताह में आयोजित करवाए जाने की संभावना बन गई है। हालांकि अभी पीईटी के नियम तैयार नहीं हो पाए है, लेकिन माना जा रहा है कि मई से पहले प्रवेश परीक्षा करवाना संभव नहीं हो सकेगा।
सरकार के स्तर पर नियमों में फेरबदल करने पर विचार शुरू हो गया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार फिलहाल सरकार निजी कालेजों के आरक्षण से आने वाले वित्तीय भार की गणना कर रही है।