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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़‘पूरे विश्व में हर साल करीब 5 लाख सर्वाइकल कैंसर के केस डायग्नोज किए जाते हैं, जिनमें से 1.25 लाख भारत में होते हैं। ये केसेज जब तक डायग्नोज होते हैं तो ये एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुके होते हैं, जिसके कारण इनका ट्रीटमेंट उतना सफल नहीं हो पाता। लेकिन रेग्यूलर स्क्रीनिंग और बीमारी के जल्दी पता लगने पर पेशेंट को सही समय पर ट्रीटमेंट दिया जा सकता है।
कॉलपोस्कोपी मैथ्ड से सर्वाइकल कैंसर को बहुत आसानी से और सही समय पर डायग्नोज किया जा सकता है।’
ये कहना है, कोलकाता के चितरंजन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर के डॉ. पार्थ बासू का। डॉ. बासू चैतन्य हॉस्पिटल में कॉलपोस्कोपी मैथ्ड पर हुई वर्कशॉप के दौैरान बोल रहे थे। डॉ. बासू ने कहा कि कॉलपोस्कोपी मैथ्ड से सर्वाइकल कैंसर का जल्दी पता चल जाता है।