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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ ‘ये गंभीर चिंता का विषय है कि एचआईवी-एड्स के वाइरस को रोकने के लिए अनेक प्रयास होने के बाद भी एचआईवी से ग्रस्त लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है।’ ये कहना है, पंजाब के गवर्नर और
चंडीगढ़ के प्रशासक रिटायर्ड जनरल एस.एफ. रोड्रिग्स का।रोड्रिग्स पंजाब यूनिवर्सिटी में यूएन एड्स और सोसायटी फॉर प्रमोटिंग ऑफ यूथ एंड मासेस (एसपीवाईएम) के सहयोग से पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ के इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स पर की गई रिचर्स स्टडी के रिलीज अवसर पर बोल रहे थे।
रोड्रिग्स ने कहा,‘पूरे देश में एचआईवी-एड्स की स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे निपटने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं के अलावा आम लोगों को भी एक जुट होकर काम करने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा ‘जो लोग इंजेक्शन से ड्रग लेते हैं, वो एचआईवी-एड्स की हाई रिस्क में होते हैं, इसीलिए बुराई को कड़ाई से रोका जाना चाहिए।’
न्यूट्रीशनल एंड रिहेबिलिटेशन प्रोग्राम पर उन्होंने कहा कि ‘इस प्रोग्राम के तहत ड्रग एडिक्शन को रोकने के लिए काउंसलिंग सर्विस और ओरल डी-एडिक्शन थैरेपियोटिक प्रोग्राम को बढ़ावा देने के अलावा ड्रग एब्यूज को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है।’
इस अवसर पर बोलते हुए यूएनएड्स के कंट्री को-ऑर्डिनेटर डॉ. डेनिस ब्रॉउन ने कहा कि ‘यूएनएड्स और सोसायटी फॉर प्रमोटिंग ऑफ यूथ एंड मासेस (एसपीवाईएम) के सहयोग से जो स्टडी की गई उससे ये बात सामने आई है कि इंजेक्शन के द्वारा ड्रग लेने वाले ज्यादातर बेरोजगार और अकुशल लोग हैं। उन्होंने कहा ‘ये रिपोर्ट ड्रग यूजर्स में हो रहे एचआईवी-एड्स से बचाव में नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और एड्स कंट्रोल सोसायटी के लिए सहायक हो सकती है।’
स्टडी पर फोकस करते हुए, नई दिल्ली, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस से आए डॉ. बी.एम. त्रिपाठी और अतुल आम्बेकर ने कहा कि स्टडी से ये बात सामने आई है कि ‘अंबाला में 229, चंडीगढ़-पंचकूला-778, फरीदकोट-मोगा-900, गुरदासपुर-825, जिंद-175, कैंथल-कुरुक्षेत्र-1125, लुधियाना-300, पटियाला-1100, रोपड़-मोहाली-917 और सोनीपत-खरखोड़ा में 300 इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स (आईडीयू) हैं।’ ‘इन आईडीयूज में ज्यादा तादाद 18 से 30 साल की उम्र के लोगों की है, जिनमें ज्यादातर किसी न किसी रोजगार से जुड़े हैं।