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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.कांग्रेस से निलंबित भजनलाल, गोहाना के विधायक धर्मपाल मलिक और इंद्री के विधायक राकेश कंबोज ने सोमवार को कांग्रेस और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। सशर्त इस्तीफे की अजीबोगरीब मिसाल कायम करते हुए तीनों ने इसे 1 जून से लागू करने की बात कही है।
गुड़गांव में कुलदीप बिश्नोई ने इसके लिए सफाई दी कि उन्होंने एक जून की तारीख इसलिए रखी क्योंकि तब तक वे अपना संगठन मजबूत कर लेंगे। इस पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने कहा, इन इस्तीफों का कोई संवैधानिक महत्व नहीं है और ये जनता के साथ धोखा है।
कांग्रेस और विधानसभा सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों का कोई प्रभाव तीनों विधायकों की सदस्यता समाप्त करने वाली प्रोसिडिंग्स पर नहीं पड़ेगा। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस्तीफा सिर्फ दिखावा है ताकि भजनलाल, दोनों विधायक विस से निष्कासन के बाद कह सके कि वे पहले ही इस्तीफा दे चुके थे।
भिवानी के सांसद कुलदीप बिश्नोई ने सोमवार को गुड़गांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीनों ने विधानसभा स्पीकर को फैक्स से इस्तीफा भेजा है। इस समय प्रदेश कांग्रेस में स्वार्थ की राजनीति की जा रही है।
इसीलिए भजनलाल, मलिक व कंबोज ने इस्तीफा दिया है। कुलदीप ने कहा कि वे कांग्रेस के विरोधी नहीं हैं। सिर्फ कुछ नेताओं की वजह से उन्हें नई पार्टी बनानी पड़ी। शिक्षा एवं परिवहन मंत्री मांगेराम गुप्ता और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना कुछ समय पहले तक उनके साथ थे, लेकिन स्वार्थ के चलते वे चले गए।
हुड्डा पर बरसे कुलदीप :
प्रदेश के मुख्यमंत्री पर बरसते हुए कुलदीप ने कहा, हुड्डा प्रदेश में रैलियां करने में पूरी ताकत लगाए हुए हैं, जबकि रैलियां करने का काम विरोधी पार्टियों का होता है। अगर वह रैली जितना ध्यान विकास पर देते तो जनता को फायदा होता। फरीदाबाद की एक मल्टीनेशनल कंपनी सरकार से दुखी होकर पलायन कर गई। अब यह कंपनी विदेशों में हरियाणा को ब्लैक लिस्टिड प्रदेश में शामिल करने की बात कह रही है। इस अवसर पर गोहाना के विधायक धर्मपाल मलिक, इंद्री के विधायक राकेश कंबोज, पूर्व मंत्री राव नरबीर सिंह, पुंडरी के सुरेश मौजूद थे।