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श्रीगंगानगर.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस का सत्ता में लौटना तय है। यहां गुजरात व हिमाचल-प्रदेश जैसी राजनीतिक परिस्थितियां नहीं हैं।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों में जनता का विश्वास और वसुंधरा राजे की विफलताएं बदलाव का कारण बनेंगी।
नए चेहरे जनता की पसंद
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि नए चेहरों को जनता पसंद करती है। युवाओं को आगे लाना हम सब की ड्यूटी है। बड़े अंतर से हारे नेताओं को मौका मिलेगा या नहीं के सवाल पर गहलोत ने कहा कि ये पोलिसी हाईकमान के स्तर पर तय होगी।
उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनाव परिणाम का असर नहीं पड़ेगा। टिकट वितरण में नए चेहरों की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि यह मेरा अधिकार क्षेत्र नहीं है। मैं सिर्फ सामान्य कार्यकर्ता हूं। गहलोत ने कहा कि श्रीगंगानगर से जयपुर के बीच ब्राडगेज बनता है तो इलाके में विकास को गति मिलेगी।
हिंसात्मक आंदोलन में विश्वास नहीं
गहलोत ने माकपा पर किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति के आंदोलन को हथिया लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन में धीरे-धीरे लाल झंडे हावी हो गए। आंदोलन के दौरान कांग्रेस के संघर्ष पर भी छींटाकशी की गई। इन बातों को लेकर पीसीसी नाराज रही। सब जानते हैं कि किसान हितों को लेकर कांग्रेस ने कहां कितना संघर्ष किया? माकपा को भी मुल्क जानता है, प्रदेश में भी और केंद्र में भी।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने रावला-घड़साना में माकपा के साथ संघर्ष इसलिए किया क्योंकि मुद्दा किसान हितों को लेकर था। कांग्रेस के प्रतिपक्ष में सही भूमिका नहीं निभा पाने के माकपा के आरोपों के सवाल पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा के अंदर और बाहर अपने तरीके से जनता की आवाज को बुलंद किया। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस हिंसात्मक आंदोलन में विश्वास नहीं करती।
गांधी के बहाने राजनीति नहीं
महात्मा गांधी के सत्याग्रह के सौ वर्ष प्रदर्शन के बहाने शक्तिप्रदर्शन व संगठन को मजबूत करने के सवाल पर गहलोत ने कहा ऐसा नहीं है। गांधी के कार्यक्रम में राजनीति की बात नहीं होती। अलबत्ता इससे युवाओं का जुड़ाव अवश्य हो रहा है।
वसुंधराराजे बौखलाहट में
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा है कि प्रदेश में शराब संस्कृति से अपराध बढ़े हैं। गहलोत ने कहा कि कलेक्टर कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का आईएएस अफसरों से असम्मान जनक व्यवहार बौखलाहट का नमूना है।
सत्ता व संगठन में संघर्ष का खामियाजा जनता भुगत रही है। वसुंधरा राजे के झूठे आश्वासनों व वादों ने प्रदेश को जातीय संघर्ष की ओर धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धारा 90 बी के दुरुपयोग से भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रशासन निरंकुश हो चुका है।