|
ह्यूस्टन: अधिक वजन और बढ़ती तोंद को हमेशा दिल के दौरे से जोड़ा जाता है। चूहों पर किए गए एक नए अध्ययन से पहली बार इस बात का सीधा प्रमाण मिला है कि यह संबंध क्यों है और ऐसी भी उम्मीद जगी है कि इससे कैसे पार पाया जा सकता है।
रिसर्च जर्नल ‘सकरुलेशन’ में जल्द ही प्रकाशित होने वाले एक शोध पत्र में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कार्डियोवेस्कुलर सेंटर में शोधकर्ताओं के एक दल ने तोंद में जमा चर्बी की कोशिकाओं के आसपास की जलन और रक्त वाहिनियों के कड़े होने की प्रक्रिया में संबंध होने के सीधे सबूत मिलने की जानकारी दी है।
शोधकर्ताओं ने यह भी दिखाया है कि डायबिटीज ग्रस्त मरीजों को अक्सर दी जाने वाली एक औषधि इस जलन को शांत करने में इस्तेमाल की जा सकती है। इससे रक्त वाहिनियों को ज्यादा क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने चेताया है कि उनके निष्कर्र्षो को फिलहाल इंसानों पर आजमाना काफी जल्दबाजी होगी।