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नई दिल्ली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू से उपजी दहशत को शांत करने के मकसद से केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि फिलहाल इंसानों पर इस बीमारी का प्रभाव नहीं पड़ा है। उधर सिलिगुड़ी में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों में दवा का छिड़काव अनिवार्य कर दिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास ने नई दिल्ली में कहा कि अभी तक किसी मनुष्य में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने बर्ड फ्लू प्रभावित इलाकों के आसपास 10 किलोमीटर तक के दायरे में लोगों की रैंडम जांच की है, जिसमें किसी में भी इस महामारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार को प्रभावित इलाकों में पक्षियों को मारने में तेजी लाने की सलाह दी है।
बर्ड फ्लू नहीं
राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान (एनआईसीडी) के निदेशक शिवलाल ने नई दिल्ली में मंगलवार को बताया कि पश्चिम बंगाल से आए पांच लोगों के खून के नमूनों में से किसी में भी बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।
प्रभावित जिले
बीरभूम, मुर्शिदाबाद, दक्षिण दिनाजपुर, बर्दवान, नदिया, बांकुड़ा, मालदा और उत्तरी 24 परगना।
दो ट्रक रोके
बीरभूम जिले से झारखंड में मुर्गे ले जा रहे दो ट्रकों को मंगलवार को नलहाटी के पास रोक लिया गया। झारखंड और बिहार ने बंगाल से पोल्ट्री के आगमन पर रोक लगा रखी है।
अब खरीदेंगे उपकरण
सिलिगुड़ी जिले में बाहर से आने वाले सभी वाहनों पर बर्ड फ्लू निरोधक दवा का छिड़काव करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए सोमवार को सिलिगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति मोनी थापा ने 50 हजार रुपए के छिड़काव उपकरण खरीदने की इजाजत दी है।