जयपुर. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नारायण राय एवं न्यायाधीश आर.एम.लोढ़ा की खंडपीठ ने एफआईआर पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में आदेश जारी कर राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट ने जगजीवन राम समता आंदोलन की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव, गृह सचिव एवं डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले के अनुसार समता आंदोलन ने अपनी रिट याचिका में कहा कि धौलपुर के बसेड़ी थाने के हरजपुरा गांव में 18 नवंबर, 07 को डकैत नंदूरी ने आकर हवाई फायर किए। उसने 19 जाटव परिवारों को धमकाते हुए कहा कि वे 27 नवंबर 07 तक उसके पास डेढ़ लाख रुपए पहुंचा दें। यदि रकम नहीं पहुंचाई गई तो वह उन्हें जान से मार देगा। गांव के लोगों ने डाकू के डर से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाई।
बाद में यह मामला अखबार में प्रकाशित हुआ। खबर में लिखा था कि डाकू गांव के दलितों को डरा-धमका रहे हैं और उन पर अत्याचार कर रहे हैं। खबर के आधार पर समता आंदोलन ने अपने अधिवक्ता चेतन बैरवा के जरिए इस अत्याचार के विरुद्ध हाईकोर्ट में रिट याचिका पेश की। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में समता आंदोलन को निर्देश दिए कि मामले की एफआईआर दर्ज करवाकर उसका प्रतिवेदन डीजीपी को सौंपें।
हाईकोर्ट के निर्देश की पालना में याचिकाकर्ता ने थाने में एफआईआर दर्ज करवा कर उसका प्रतिवेदन डीजीपी को दे दिया। परंतु इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की सुनवाई फिर होने पर याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को एफआईआर पर कार्रवाई नहीं करने पर अदालत में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।