भोपाल. प्रदेश के हर इलाके में अब लोगों को हाइटेक मोबाइल हास्पिटल की सुविधा मिलने के आसार बन गए हैं। इसके तहत वर्तमान मोबाइल हास्पिटलों को अनेक नई सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। साथ ही अब तक सिर्फ 86 विकासखंडों में चल रही इस योजना को सभी 313 विकासखंडों पर लागू किया जाएगा।
वर्तमान में ये मोबाइल हास्पिटल सिर्फ आदिवासी विकासखंडों में ही चलते हैं। अब सरकार ने कोशिश शुरू की है कि इन्हें दो चरणों में प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में लागू कर दिया जाए। पहले चरण में 38 विकासखंडों में योजना लागू की जाएगी और फिर दूसरे चरण में बाकी बचे विकासखंड भी इसमें शामिल किए जाएंगे। सबसे खास यह कि इन हास्पिटलों को नई सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है।
इसके लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि सरकार की पहली प्राथमिकता इन मोबाइल हास्पिटलों में सोनोग्राफी मशीन लगाना है। कोशिश की जा रही है कि अगले वित्तीय सत्र में आदिवासी विकासखंडों में चलने वाले मोबाइल हास्पिटलों में मशीन लगा दी जाए।
इसके बाद इन मोबाइल हास्पिटलों को टेली-मेडिसिन योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा ग्लोबल पोजीशन सिस्टम (जीपीएस) भी इन हास्पिटलों में लगाने पर सहमति हो गई है। इससे किसी भी हास्पिटल की लोकेशन जानी जा सकेगी।
कितनी लागत
जानकारों के मुताबिक एक मोबाइल हास्पिटल की लागत करीब 40 लाख तक रहेगी। इसके लिए बजट तैयार कर लिया गया है। एनआरएचएम के तहत इसे योजना में शामिल कर लिया गया है।
अधिकारी बोले
मोबाइल हास्पिटलों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही इन्हें नई सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए एनआरएचएम से राशि मिलना है।
- अशोक शर्मा, संचालक, चिकित्सा सेवाएं