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मुख्यमंत्री के विरोधी एकजुट

जयपुर. आरक्षण और राजनीतिक मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लगभग सभी विरोधी एक मंच पर आ गए हैं। फिलहाल उन्होंने आरक्षण की लड़ाई सामूहिक रूप से लड़ने का फैसला किया है। इसके लिए आरक्षण मांगने वाली जातियों का जयपुर में सामूहिक महापड़ाव करने पर विचार किया जा रहा है।

इस सिलसिले में भाजपा से निलंबित विधायक अतर सिंह भडाना के निवास पर मंगलवार को हुई बैठक में भरतपुर के सांसद विश्वेन्द्र सिंह, भारतीय जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रभारी चंद्रराज सिंघवी, राजस्थान जाट महासभा प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील, करणी सेना के लोकेन्द्र सिंह कालवी, विधायक प्रहलाद गुंजल, सर्व ब्राrाण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा व कामां विधायक मदन मोहन सिंघल मौजूद थे। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला को भी बैठक में बुलाया गया था, लेकिन वे शाम तक नहीं आए थे।

चाटुकार नहीं बनने दे रहे बात

विश्वेन्द्र सिंह ने उनकी पहल पर महापड़ाव स्थगित करने के लिए गुर्जर समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई में वे गुर्जरों के साथ हैं। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी से दो-तीन बार बात हुई थी। सबूत के तौर पर उन्होंने मोबाइल की कॉल डिटेल मंगवाई है। मुख्यमंत्री ने उनसे स्पष्ट कहा था कि आप मध्यस्थता करके महापड़ाव स्थगित कराएं, गुर्जर नेताओं को एक मंच पर लाकर बात करेंगे।

विश्वेंद्र का कहना था कि अब हमें लग रहा है कि मुख्यमंत्री अपनी बात से मुकर रही हैं, इसलिए इस मामले में वे पहले पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत से बात करेंगे, इसके बाद रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी जन अभाव निराकरण समिति के अध्यक्ष एसएन गुप्ता का फोन आया था कि मुख्यमंत्री दिल्ली में उनसे बात करना चाहती हैं, लेकिन पहले वे गुर्जर नेताओं को एक मंच पर लाना चाहते थे, इसलिए आज यहां यह बैठक रखी गई है।

मुद्दे पर पार्टी छोड़ी, हल निकालकर ही रहेंगे: प्रहलाद गुंजल ने इन अटकलों को निराधार बताया कि भाजपा में फिर शामिल होने के लिए उन्होंने सरकार के प्रति नरम रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे के लिए मैंने पार्टी छोड़ी है, उसको हल कराने के बाद ही उसमें जाने पर विचार किया जा सकता है। सरकार ने महापड़ाव रोकने के लिए आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए थे। ऐसे में हम भी अड़े रहते तो देश और प्रदेश में हालात बेकाबू हो सकते थे। हमारा मकसद कानून-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं, बल्कि गुर्जरों को आरक्षण दिलाना है।

सामूहिक रूप से लड़ेंगे लड़ाई: राजस्थान सर्व ब्राrाण महासभा के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि अब तक सरकार एक जाति को दबाकर दूसरी की मदद कर रही थी। आरक्षण के मामले में जब ब्राrाणों पर लाठी पड़ी तो सभी ने साथ दिया था, इसलिए यह तय किया गया है कि आरक्षण की लड़ाई सामूहिक रूप से लड़ी जाए।





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