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ठिठुरा शहर, दिन में जले अलाव

ग्वालियर.a उत्तर भारत में ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हुई जोरदार बर्फबारी के चलते उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने शहर जबरदस्त शीतलहर की चपेट में है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान सोमवार की अपेक्षा तीन डिग्री और लुढ़ककर 15.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इस सीजन में आज का दिन सबसे ठंडा रहा। दिन भर घने बादल छाए रहे। बर्फीली हवा के चलते दिन में भी लोगों को अलाव का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा।

उम्मीद के विपरीत ठंड ने 19 जनवरी से जोरदार वापसी की है। दिन-रात के तापमान में तेजी से गिरावट आती जा रही है। मंगलवार की सुबह हवा थमी थी लेकिन पतली परत के बादल छाए रहने से ठंड में बढ़ोतरी हो गई। बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान में दिन चढ़ने के बाद भी बादल घेरा डाले रहे। बर्फीली हवा ने आमजन और पशु-पक्षियों को अपनी चपेट में ले लिया। हाथ-पैर, नाक-कान सुन्न से रहे। दोपहर कब हो गई, पता ही नहीं चला। ।

शाम तक 10 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बर्फीली हवा चली। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 8.4 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री पर दर्ज किया गया। यह सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। हवा में नमी की मात्रा सुबह 57 व शाम को 48 प्रतिशत दर्ज की गई।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है लेकिन बर्फीली हवा के कारण दिन में पारा और लुढ़कने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि 18 जनवरी को अधिकतम तापमान 30.2 व न्यूनतम 13.2 डिग्री पर जा पहुंचा था। उस दिन में ऐसा लगने लगा था जैसे बसंत आ गया हो। उसके बाद से तापमान में लगातार गिरावट आती जा रही है।

पानी हुआ बर्फीला

बर्फीली हवा के कारण पानी इतना ठंडा हो गया है कि हाथ लगाते ही करंट सा महसूस होता है। सुबह मुंह-हाथ धोने के लिए भी लोगों को पानी गर्म करना पड़ रहा है। स्नान करने से लोग कतराने लगे हैं।

प्रशासन के आदेश का पालन नहीं

हाड़ कंपा देने वाली ठंड की वापसी होते ही सुबह की पाली में स्कूल जाने वाले बच्चे परेशानी में पड़ गए हैं। हालांकि साल की शुरुआत में न्यूनतम पारा 3.2 डिग्री सेल्सियस पर आ जाने से जिला प्रशासन ने सुबह की पाली में चलने वाले स्कूलों के समय में परिवर्तन के आदेश दिए थे। स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई थी कि वे सुबह नौ बजे से पूर्व स्कूल का संचालन न करें, लेकिन अधिकांश स्कूल संचालकों ने जिला प्रशासन के आदेश का पालन नहीं किया।

ऊनी वस्त्र विक्रेता खुश

तापमान में बढ़ोतरी से ऊनी व विक्रेताओं के चेहरों पर छाई मायूसी अब दूर हो गई है। बर्फीली हवाओं से जनमानस भले ही परेशान हो लेकिन ऊनी व विक्रेताओं के चेहरों पर खुशी छा गई है। बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंचने लगे हैं। उधर हाड़ कंपा देने वाली ठंड लौटने से चाय, समोसा, कचौड़ी, पकौड़ी की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। मंगलवार को देर शाम तक नाश्ता की दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई।

ऐसा तो पहले भी हुआ है

पिछले चार साल के जनवरी के तापमान पर यदि गौर करें तो वर्ष 2004 में 21 जनवरी को सबसे ठंडा दिन रहा था जब दिन का अधिकतम पारा 15.4 डिग्री पर था। वर्ष 2005 में 25 जनवरी को दिन का अधिकतम तापमान 15.9 पर आ गया था अर्थात् सबसे ठंडा दिन रहा था। 2006 में छह जनवरी को अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी में तापमान में भारी उतार-चढ़ाव होता रहता है।





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