इंदौर. सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन कैदी युवराज को जान से मार डालने की धमकी भरा पत्र पहुंचने से जेल प्रशासन सकते में आ गया। कैदी के मुलाकात के वक्त सुरक्षा अत्यंत पुख्ता कर दी गई है। पुलिस ने भी छानबीन शुरू कर दी है।
युवराज पर आरोप है कि उसने अपने पिता विष्णु उस्ताद की हत्या के आरोपियों में से एक जीतू ठाकुर को महू उप जेल में गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया है। उसी मामले में वह सेंट्रल जेल में बंद है। मंगलवार सुबह सेंट्रल जेल पहुंची कैदियों की डाक में एक पत्र युवराज के नाम था। नियमानुसार पत्र कैदी को देने के पहले पढ़े जाते हैं। इस पत्र को पढ़ा गया तो हड़कंप मच गया। जेल कर्मियों ने तत्काल वरिष्ठ अफसरों को यह जानकारी दी। बाद में पत्र थाना एमजी रोड को सौंप दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक कलम से लिखा हुआ पत्र विष्णु उर्फ बमबम के नाम से है जो विष्णु उस्ताद हत्याकांड के मामले में तीन साल की सजा काटने के बाद जेल से छूट गया है। गत सप्ताह अपने घर में कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी करने वाला तरुण साजनानी विष्णु उस्ताद हत्याकांड का आरोपी था और वह भी तीन साल की सजा काटने के बाद बमबम के साथ ही रिहा हुआ था।
सूत्रों के अनुसार युवराज को संबोधित पत्र में लिखा है कि तरुण की आत्महत्या में तेरी कितनी भूमिका है वह सब मुझे पता है। तू लोगों को बेवकूफ बना रहा है। यह बदला मैं तुझे सरेआम गोली मारकर हत्या करके लूंगा। तेरे परिवार को भी बरबाद करके रख दूंगा। पत्र में अपशब्दों का भी उपयोग किया गया। जेल प्रशासन ने तत्काल यह बात पुलिस अधीक्षक अंशुमान यादव को बताई और पत्र एमजी रोड पुलिस को सौंप दिया।