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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
एनआरआईज और बड़े औद्योगिक घरानों ने पंजाब में प्राइवेट सेक्टर में यूनिवर्सिटियां खोलने के कई प्रस्ताव दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग के पास पहुंचे प्रस्तावों से लगता है जैसे पंजाब में निकट भविष्य में यूनिवर्सिटयों की बाढ़ आ जाएगी। लगभग दस घराने ऐसे हैं जिन्होंने यूनिवर्सिटी खोलने की इच्छा जताई है।
एक्ट भी बनाएगी सरकार : निजी सेक्टर के लिए यूनिवर्सिटियों का रास्ता साफ करने के लिए पंजाब सरकार एक्ट भी बनाने जा रही है जिसका ड्राफ्ट तैयार है और उसे उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मुख्य सचिव आरआई सिंह को भिजवा दिया गया है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसके विधानसभा सत्र में पेश होने के आसार हैं। जिन प्रमुख उद्योगपतियों ने यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव दिया है उनमें रिलायंस और भारती भी शामिल हैं। संघोल के पास एजूकेशन ट्रस्ट बनाकर स्कूल-कॉलेज चलाने वाले एनआरआई लार्ड दिलजीत राणा ने भी यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव दिया है। फिलहाल पंजाब में प्राइवेट सेक्टर में लवली यूनिवर्सिटी ही चल रही है जबकि आठ यूनिवर्सिटियां सरकार ने खोली हैं।
किस-किस ने दिए प्रस्ताव :
आईटी सेक्टर में अनिल अंबानी की रिलायंस कंपनी ने रोपड़ या फतेहगढ़ साहिब में यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव दिया है तो भारती एयरटेल लुधियाना के आसपास 500 एकड़ में यूनिवर्सिटी स्थापित करना चाहती है।
इसके लिए जमीन की मांग की गई थी जिसे राज्य सरकार ने फिलहाल ठुकरा दिया है। एविएशन विषय पर एविएशन यूनिवर्सिटी और अकाउंट्स विषय पर आईएफसीएआई यूनिवर्सिटी खोलने का भी विचार है, जो संगरूर के गुरने कलां गांव में खोली जानी है।
कंप्यूटर शिक्षा में चितकारा इंस्टीट्यूट वालों ने भी यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव भेजा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में स्पेशलाइजेशन देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर यूनिवर्सिटी भी खुलेगी। एजुकॉम कंपनी की ओर से सेना के पूर्व अफसर आरएन कपूर ने भी यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव दिया है। एसजीपीसी द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी भी बनाई जानी है, जिसमें सिख धर्म की स्ट्डी के अलावा विभिन्न धर्र्मो का अध्ययन होगा।