कोटा. लोगों में मैरिज सर्टिफिकेट के बनाने के प्रति एकाएक रुझान पैदा हो गया है, या अन्य कोई शर्त उन्हें ऐसा करने के लिए बाध्य कर रही है। बात चाहे जो भी लेकिन यह तय है कि पिछले डेढ़ महीने में इतने प्रमाणपत्र बने हैं, जितने की पहले इस अवधि में कभी नहीं। साथ ही यह पता चला है कि विवाह प्रमाण पत्र के प्रति नए कोटा के लोगों में रुझान अधिक है।
जब से विवाह प्रमाण पत्र की बाध्यता लागू हुई है तब से अभी तक कोटा शहर में सिर्फ 2042 दंपतियों ने ही इसका लाभ उठाया है। इसमें से 232 प्रमाण पत्र डेढ़ महीने में बने हैं। जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस व पैन कार्ड जैसे रोजमर्रा में काम आने वाले महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बने मैरिज सर्टिफिकेट के बिना कोई कार्य संभव नहीं है।
कभी व्यर्थ माने जाने वाला विवाह प्रमाण पत्र अब लोगों के लिए जरूरी बन गया है। विदेश जाना हो या फिर नल- बिजली का कनेक्शन लेना हो, हर किसी के लिए अब मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है। 22 मई 2006 में प्रमाण पत्र बनाने का नियम पारित होने के बाद से अभी तक कोटा में 2042 विवाह प्रमाण पत्र बन चुके है। इसमें भी 1 दिसम्बर से 15 जनवरी तक 232 प्रमाण पत्र बन चुके है जबकि दिसम्बर में शादी का सीजन था।
इसके बावजूद इतने प्रमाण पत्र बनना यहीं दर्शाता है कि कारण कुछ भी हो पर अब लोगों का रुझान इस ओर बढ़ता जा रहा है और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों की लिस्ट में यह भी शामिल हो गया है।
नियम तो पहले बन चुका था, पर प्रमाण पत्र बनाना अनिवार्य तो लगभग पांच माह पूर्व ही हुआ है। इसी समय में काफी संख्या में प्रमाण पत्र बन चुके है। पुराने कोटा में लोगों की दिलचस्पी कम है। जैसे अब जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य हो गया है, वैसे ही धीरे धीरे विवाह प्रमाण पत्र बनाना आम बात हो जाएगी।
—सतीश बारूपाल, नगर निगम आयुक्त
चेन्नई से आए दंपती
सोमवार को सर्टिफिकेट बनाने के लिए चेन्नई से एक दंपती कोटा पहुंचे। चेन्नई से आए री शंकर व इला गुप्ता की शादी 1999 में कोटा में हुई थी। वे सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बनाने के लिए ही कोटा आए हुए थे।
जहां शादी, वहीं प्रमाण पत्र
नियम के अनुसार मई 2006 के बाद जिस स्थान पर विवाह हुआ है, विवाह प्रमाण पत्र वहीं बनेगा। इससे पहले हुए विवाह में प्रमाण पत्र विवाह स्थल, लड़का या लड़की का निवास स्थल तीनों जगहों में बन सकते है।
क्या है कारण
मैरिज सर्टिफिकेट बनाने में लोगों की दिलचस्पी नियम के तहत न होकर आवश्यकता के अनुसार है। सरकार द्वारा अब हर चीज में विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता को अनिवार्य करने के बाद लोगों को मजबूरी में सर्टिफिकेट बनाना पड़ रहा है। वैसे युवा पीढ़ी इसकी महत्ता समझकर भी इसमें दिलचस्पी दिखा रही है।
नए कोटा में रुझान ज्यादा
नए कोटा में रहने वालों ने सर्टिफिकेट के प्रति अधिक रुचि दिखाई है। नए कोटा क्षेत्र में अभी तक 881 मैरिज सर्टिफिकेट बने है।
क्यों बन रहे हैं प्रमाण पत्र
सर्टिफिकेट को आवश्यक बनाया जाने के बाद से इसके प्रति रुझान पैदा हुआ है। पासपोर्ट, वीजा, पानी, बिजली कनेक्शन, बैंक के साझा अकाउंट खुलवाने या किसी भी नौकरी में नियुक्ति के लिए अब प्रमाण पत्र बेहद आवश्यक है।