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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. सतनामी समाज के ऐतिहासिक गिरौदपुरी मेले में सुरक्षा खामियों और दहशतगर्दे को अब तक नहीं पकड़े जाने से नाराज समाज के लोगों ने 3 मार्च को राजधानी में प्रदर्शन का ऐलान किया है। उनका कहना है कि सतनामी समाज के लोगों पर अत्याचार के मामलों में सरकार अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। सतनामी समाज के धर्मगुरु गद्दीनशीन रुद्रकुमार गुरु अगमधाम खडुवा गिरौदपुरीधाम ने मंगलवार को पत्रवार्ता में इस बात की भी आशंका जताई कि इस साल भी गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 के मेले में कुछ असमाजिक तत्वों ने दो लोगों की हत्या कर दी थी।
कई लोगों को घायल करने के बाद दुकानें भी लूटी गईं। इसी तरह 2007 में भी कुछ लोगों ने मेले में तलवार लहराकर दहशत फैलाई थी। समाज के पवित्र स्थल गिरौदपुरी में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर वे समाज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी मंशा है कि समाज के लोग खौफ खाकर मेले का आयोजन न करें और हमारी एकता खंडित की जा सके।
इस पर प्रदेश की सरकार मूक दर्शक बनकर बैठी है। राजमहंतों, जिला महंतो, और समाज प्रमुखों ने कई बार बैठक आयोजित कर राज्यपाल तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया कि समाज के लोगों पर हो रहे अत्याचार और इस तरह के दुष्कार्यो पर नियंत्रित करें, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दहशतगर्द अब तक नहीं पकड़े गए हैं।
हाल ही में सुहेला के समीप नेवारी-फुलवारी में सरपंच भोला राम की नृशंस हत्या ने समाज को सकते में ला दिया है। उन्होंने कहा कि सरंपच कैसा भी हो लेकिन उनकी हत्या नहीं की जानी चाहिए थी। सरकार को समाज में ऐसे हिंसात्मक घटनाओं को रोकने कदम अवश्य उठाने चाहिए। धर्मगुरु ने कहा यदि सरकार समाज के लोगों को सुरक्षा देने में असफल रही और पवित्र गिरौदपुरी मेले में असमाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने में नाकाम रही तो पूरा समाज उग्र आंदोलन करेगा।