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फर्जी दस्तावेज से नौकरी, जांच के आदेश

रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में कथित फर्जी दस्तावेजों के सहारे प्रोफेसर और एचओडी बने डा. ओपी व्यास मामले की जांच के निर्देश राजभवन ने दिए हैं। जांच अधिकारी आईएएस अफसर राजीव गांधी शिक्षा मिशन की डायरेक्टर मनिंदर कौर द्विवेदी को नियुक्त किया गया है।

राजभवन से 9 जनवरी को जारी आदेश में राज्यपाल के सचिव पीसी दलेई के हस्ताक्षर हैं। छग विवि अधिनियम 1973 की धारा 10 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुलाधिपति ने जांच अधिकारी नियुक्ति किया है।

इसका प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग ने भेजा था। राजभवन ने जांच के तीन बिंदु तय किए हैं। प्रो. व्यास की नियुक्ति निर्धारित मापदंडों के अनुसार हुई या नहीं, आवेदन की तिथि तक डा. व्यास की योग्यता क्या-क्या थी और उन्होंने नियुक्ति के लिए किसी तरह के कूटरचित दस्तावेज तो तैयार नहीं कराए? श्रीमती द्विवेदी को एक महीने के भीतर जांच प्रतिवेदन देने कहा गया है। विवि और उच्च शिक्षा विभाग को मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यपाल के अवर सचिव एसके चौधरी ने कुलपति को अलग से पत्र भेजकर विवि का पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार श्रीमती कौर ने जांच शुरु कर दी है। उन्होंने विवि से डा. व्यास के मूल दस्तावेजों की कापी मांगी है। गौरतलब है, पिछले साल इस मामले को लेकर काफी बवाल मचा था। एक छात्रा ने प्रो. व्यास के खिलाफ सरस्वती नगर थाने में रिपोर्ट भी लिखाई थी।

आरोप लगाया कि प्रो. व्यास ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति ली। नियुक्ति के समय वे निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करते थे। कुलपति ने पिछले साल इसकी जांच भी कराई थी। लेकिन उन्होंने प्रो. व्यास को क्लीन चिट दे दी थी।





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