नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से पूछा है कि उनके महकमों ने नौकरियों में अल्पसंख्यकों को खास तरजीह देने के मामले में अब तक क्या किया है। उन्होंने इस मामले में छह माह बाद भी रिपोर्ट पेश न किए जाने पर सहयोगियों को आड़े हाथों लिया, जिसके बाद सभी मंत्रालयों में आंकड़े एकत्र करने के लिए हड़कंप सा मच गया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, पिछले गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास में हुई बैठक में डॉ. मनमोहन सिंह ने मंत्रियों को अल्पसंख्यक कल्याण के मसले पर अपनी रफ्तार तेज करने को कहा।
बैठक में शामिल मंत्री : मानव संसाधन मंत्री अजरुन सिंह, गृहमंत्री शिवराज पाटील, वित्त मंत्री पी चिदंबरम और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एआर अंतुले।
असर : प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भ और सरकार के नए 15 सूत्रीय फॉमरूले का जिक्र करते हुए मानव संसाधन मंत्रालय ने अपने सभी ब्यूरो प्रमुखों से इस संबंध में तत्काल आंकड़े उपलब्ध कराने को लिखा है। अल्पसंख्यकों को तरजीह दिए जाने के संबंध में प्रधानमंत्री के निर्देशों का कितना पालन हुआ, इसका बिंदुवार विवरण।
क्या थे प्रमुख निर्देश
नौकरियों में अल्पसंख्यकों को विशेष तरजीह दी जाए।
दस से अधिक पदों पर नियुक्ति करने वाली चयन समिति में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल हो।
अल्पसंख्यक बहुल आबादी में नियुक्तियों के सकरुलर स्थानीय भाषा में हों, ताकि वे स्थानीय आबादी तक पहुंच सकें।
सभी महकमे इसका पालन सुनिश्चित करें। कर्मचारियों में अल्पसंख्यकों की संख्या बताई जाए।