नई दिल्ली. आज नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 111वीं जयंती पर खबर : सरकार के दो मुख्य मंत्रालयों विदेश और रक्षा मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में कोई जानकारी नहीं है साथ ही, दोनों मंत्रालयों ने सूचना के अधिकार के तहत आई एक याचिका को भारतीय राष्ट्रीय आर्काइव्स (एनएआई) के पास भेज दिया है।
दिल्ली मूल के एक आरटीआई कार्यकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य ने गृह मंत्रालय के सामने नेताजी से संबंधित सवालों की सूची रखी थी जिसके जवाब के लिए यह आवेदन विभिन्न मंत्रालयों के पास भेजा गया था।
सवाल क्रमांक एक :
विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या सरकार के पास नेताजी द्वारा स्थापित फ्री इंडिया इन एक्साइल संबंधी कोई जानकारी है और यदि है तो क्या नेताजी ने खुद को ऐसे राज्य का प्रमुख बताया था या नहीं? इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव देबनाथ शॉ ने कहा है कि इस सवाल के बारे में यहां कोई सूचना नहीं है।
शॉ ने यह सवाल एनएआई से पूछे जाने की सलाह दी। भट्टाचार्य ने कहा है कि यह वाकई अफसोस और सदमे की बात है कि नेताजी जैसे क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े इस सवाल का जवाब हमारे विदेश मंत्रालय के पास नहीं है जबकि निर्वासन के समय नेताजी की सरकार के बारे में जापान व जर्मनी जैसे देश जानकारियां रखते हैं।
सवाल क्रमांक दो :
रक्षा मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या नेताजी की पहचान भारतीय राष्ट्रीय सेना के कमांडर इन चीफ के बतौर थी? और उनका सेना में क्या स्थान था?
रक्षा मंत्रालय के इतिहास विभाग के डिप्टी निदेशक आर धनेधर ने जवाब दिया है कि भारतीय राष्ट्रीय सेना के बारे में विभाग के पास रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं हैं और इनमें से कुछ को पहले ही एनएआई को सौंप दिया गया है।