नई दिल्ली. यूनिसेफ द्वारा हाल में जारी वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में पांच साल से कम उम्र के करीब 1 करोड़ बच्चे हर साल मौत की नींद सो जाते हैं और इनमें से करीब 21 लाख भारत में।
भारत में बाल मृत्यु दर का प्रमुख कारण है कुपोषण। यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधि डॉक्टर गियानी मुर्जी का कहना है कि अपनी बौद्धिक संपदा को महसूस करते हुए भारत को जरूरत है कि वह इस क्षेत्र में प्रतिबद्धता के साथ काम करे।
इन आंकड़ों में बताया गया है कि हर साल मौत का शिकार हो रहे इन करोड़ बच्चों में से 50 प्रतिशत पोषण के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों बाल मृत्यु दर के आंकड़ों में तो कमी आई है लेकिन भारत में पिछले दो सालों में बच्चों के पोषण का स्तर नहीं सुधरा है। डब्ल्यूसीडी की डॉक्टर लवलीन कक्कड़ ने कहा कि सामाजिक परिवर्तनों में समय लगता है।