कोलकाता. पिछले कुछ समय से तकरीबन नजरबंद विवादास्पद बांग्लोदशी लेखिका तस्लीमा नसरीन को आगामी 17 फरवरी से आगे छह महीने के लिए भारत में रहने की मंजूरी मिल गई है लेकिन दूसरी तरफ भारत ने वकालत की है कि तस्लीमा को फ्रांस द्वारा विशेष सम्मान न दिया जाए।
अपने आपत्तिजनक लेखन के कारण मुस्लिमों का विरोध झेलने के बाद दिल्ली में एक अज्ञात स्थान पर रह रहीं तस्लीमा ने बुधवार को कहा कि वे भारत सरकार की आभारी हैं क्योंकि उनके वीजा की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी गई है। तस्लीमा ने यह भी कहा कि वे भारत को अपना देश समझती हैं।
गौरतलब है कि तस्लीमा के वीजा की अवधि इससे पहले 10 अगस्त 2007 को छह महीने के लिए बढ़ाई गई थी।
दूसरी तरफ, सूत्रों का कहना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोजी के आगामी भारत दौरे से पहले उनसे गुजारिश की गई है कि वे फ्रांस का प्रतिष्ठित सम्मान सिमोन डि बियोवॉइर तस्लीमा को प्रदान करें। सार्कोजी ने प्रस्ताव रखा था कि वे अपनी यात्रा के दौरान तस्लीमा को यह सम्मान देना चाहते हैं लेकिन भारत ने शालीनता से मना कर दिया है।