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जयपुर. सीए इंटरमीडिएट प्रोफेशनल एजुकेशन कोर्स द्वितीय की नवंबर 2007 में आयोजित परीक्षाओं के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। इसमें जयपुर केंद्र के चार परीक्षार्थी मेरिट में जगह बनाने में कामयाब रहे। जयपुर केन्द्र पर प्रोफेशनल एज्यूकेशन द्वितीय के दोनों ग्रुपों में 644 परीक्षार्थी बैठे, जिनमें से 109 सफल रहे।
प्रथम ग्रुप में 158 परीक्षार्थी बैठे, जिनमें से 68 सफल हुए। जबकि द्वितीय ग्रुप में 247 बैठे, जिनमें 105 सफल रहे। दोनों ग्रुपों का परिणाम सत्रह फीसदी रहा। सीए बनने के लिए एंट्रेस, फिर इंटरमीडिएट और अंत में फाइनल की परीक्षा देनी होती है। ये परीक्षाएं तीन ग्रुपों प्रथम, द्वितीय या दोनों ग्रुपों की एक साथ दी जा सकती है। बुधवार को निकला परिणाम इंटरमीडिएट के तीनों ग्रुपों का है।
शारीरिक कमजोरी को बनाया ताकत
परमानेंट आई डिसएबिलिटी 75 फीसदी। बोलचाल की भाषा में कहें ‘सूरजमूखी’ बच्चा। आंखें इतनी कमजोर कि सिर्फ करीब से ही शब्दों को देख सकती हैं। ब्लैकबोर्ड में कुछ भी नजर नहीं आता। लिहाजा आंखों के बदले श्रवणशक्ति पर निर्भरता बढ़ा दी। साथ में पारिवारिक जिम्मेदारी के अहसास ने जिम्मेदार बेटा बना दिया।
जिसने अपनी शारीरिक ‘कमजोरी’ को ही ताकत में तबदील कर दिया। यह खूबी है नितिन गुप्ता की। जयपुर के हिम्मतनगर निवासी नितिन ने प्रोफेशनल एज्यूकेशन कोर्स द्वितीय मे ऑल इंडिया मैरिट में 47वीं रैंक हासिल की। मम्मी-पापा घर की सारी बातें शेयर करते हैं। इस बात का गहरा प्रभाव पड़ा। वे हमारे लिए कितनी तकलीफें सहते हैं, मुझे भी उनके लिए ‘कुछ खास’ करना है।
पिता बीके गुप्ता ने बताया, नितिन के बड़े भाई की मौत के बाद उसका जन्म हुआ। समझदार होने पर मैं उसे स्वर्गवासी बेटे की प्रतिभा और अपनी सामान्य नौकरी के बारे में बताता रहता। इससे उसके मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। नितिन को सीए के बाद एमबीए करना है।