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जयपुर.
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश के नेता ही नहीं, मतदाता भी क्षेत्रों में बदलाव कर रहे हैं। उनका रुख सामान्य से वीवीआईपी क्षेत्रों की तरफ हो रहा है। आप भरोसा करें या न करें, लेकिन निर्वाचन विभाग के आंकड़े तो यही कहते हैं।
जहां बड़े नेताओं के क्षेत्रों में मतदाता बढ़ रहे हैं, वहीं गुर्जर नेताओं, असंतुष्टों के क्षेत्रों में मतदाता कम हो रहे हैं। प्रदेश के इन रोचक रुझान वाले वीवीआईपी विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 26 है। इनमें मतदाताओं के बसने का रुझान पूरे इलाके के औसत से कहीं ज्यादा तो कम है।
उनके बढ़े, इनके घटे!
जिन बड़े नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों में वोट बढ़े हैं, उनमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत, राजेंद्र राठौड़, शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ सहित कई प्रमुख लोग हैं। जिन क्षेत्रों से मतदाता कम हुए हैं, उनमें गुर्जर नेता प्रहलाद गुंजल, अतरसिंह भडाना, दाताराम गुर्जर आदि के क्षेत्र हैं। कुछ खास चुनाव क्षेत्रों में मतदाताओं के औसत से अधिक बढ़ोतरी और कुछ में औसत से मतदाताओं कम होने के मामले में प्रदेश के कार्यकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीसी गुप्ता का कहना है कि वोटों के घटने-बढ़ने की वजह मतदाताओं का पलायन है।
कोटा में पड़ गया पंगा
राज्य निर्वाचन विभाग के पास सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियां आ चुकी हैं, लेकिन कोटा विधानसभा क्षेत्र की सूची अभी तक नहीं आई है। इस विधानसभा क्षेत्र में बढ़े वोटों को लेकर विभाग काफी उलझन में है। यह क्षेत्र संसदीय सचिव ओम बिड़ला का है। इसमें इतने वोट बढ़ गए हैं कि अब इन्हें रोकना पड़ा है। विभाग के अधिकारियों ने इस बारे में किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है।
जिन क्षेत्रों में वोट बढ़े या घटे हैं, वहां के बारे में कलेक्टरों ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जहां वोट ज्यादा बढ़े हैं, वहां ज्यादा कॉलोनियां बनी हैं, जहां कम हुए हैं, वहां से पलायन हो गया है।—पीसी गुप्ता, कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन अधिकारी