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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. शहर में बनाए गए अवैध भवनों के मामले में निगमायुक्त ने दो आर्किटेक्ट के खिलाफ कार्रवाई की व निगम के चार इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को आर्किटेक्ट प्रदीप अग्रवाल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। अब उनके द्वारा नगर निगम सीमा में बनाए गए नक्शे मान्य नहीं होंगे।
श्री अग्रवाल के खिलाफ यह कार्रवाई लक्ष्मीबाई कालोनी में एक बहुमंजिला भवन के नक्शे बनाने के मामले में की गई है। श्री अग्रवाल ने निगम विधान के अनुसार उक्त भवन का स्वीकृत नक्शे के अनुसार पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी ली थी, जबकि उक्त भवन नक्शों के विपरीत बनता हुआ पाया गया था। इससे दो माह पूर्व निगम ने ब्लास्ट के जरिये तोड़ा था।
इसी तरह राजेश अग्रवाल जिन्होंने समाधिया कालोनी में एक बहुमंजिला इमारत के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी ली थी और उक्त भवन भी स्वीकृत नक्शों के विपरीत बनता हुआ पाया गया था। इसे भी निगम ने ब्लास्ट के जरिये तोड़ा था। निगम के अधिकारियों ने जब राजेश अग्रवाल के निगम में पंजीयन की जानकारी निकाली तो पता चला कि उनके पंजीयन का नवीनीकरण नहीं हुआ है।
इस पर निगमायुक्त ने भविष्य में कभी निगम में पंजीयन नहीं किए जाने के निर्देश दिए हैं। नक्शों के विपरीत बनाए गए उक्त भवनों के मामले में निगम के इंजीनियर प्रमोद चौहान, कीर्तिवर्धन मिश्रा, सुशील कटारे व रामबाबू पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।