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जोधपुर.
दादी या मम्मी ने जो गोल्ड ज्वैलरी कई साल पहले खरीदी थी उसकी कीमत कई गुना हो चुकी है। कभी कम कीमत में खरीदा गया यह सोना आज आपको लाभ दे रहा है। इसलिए सोना आज भी इन्वेस्टमेंट का सबसे बेहतर जरिया है। पिछले दिनों एक सर्वे में बताया गया कि लोग सोने के मुकाबले हीरा खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। क्योंकि इसकी री-सेल वैल्यू अच्छी मिलती है।
लेकिन मार्केट रिपोर्ट कहती है कि इसके बावजूद सोने की खरीदारी में कोई कमी नहीं आई है। विश्व का सबसे ज्यादा सोना भारत के घरों में जमा है। यह हमारे गोल्ड लवर होने का सबूत है। सोना खरीदने के लिए पहले शादी या दिवाली जैसे बड़े फेस्टिवल का इंतजार किया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। नई डिजाइन की ज्वैलरी के लिए महिलाएं अब किसी मौके का इंतजार नहीं करती हैं।
हालांकि यंग जेनरेशन ये भी मानने लगी है कि गोल्ड अब ओल्ड फैशन हो चुका है, इसके बावजूद सोना आज भी सबसे ज्यादा बिकने वाला कीमती धातु है। इसके साथ ही प्लेटिनम, डायमंड की डिमांड में भी बढ़ोतरी हुई है।
सोने से जुड़े कुछ जरूरी सवाल
क्या अंतर है ‘24 कैरेट’ और ‘18 कैरेट’ गोल्ड में?
कैरेट सिस्टम में खरा और बिना किसी धातू की मिलावट का सोना होता है, उसे 24 कैरेट गोल्ड कहते हैं।18 कैरेट गोल्ड कॉपर के साथ अन्य धातु भी मिली होती हैं। चौबीस कैरेट की अपेक्षा अठारह कैरेट गोल्ड पर रंगों, तापमान और कठोरता का प्रभाव कम होता है।
सोना क्या सिर्फ पीला ही होता है?
सोना पीले रंग के साथ-साथ व्हाइट, पिंक व ग्रीन कलर का भी होता है।
सोने की सेल रेट कैसे डिसाइड होती है?
सोना खरीदते समय उसके वजन के अलावा बहुत सी चीजें उसके रेट मेंशामिल की जाती हैं। जैसे- लेबर कॉस्ट, ज्वैलरी बॉक्स कीमत वगैरह इसमें शामिल होते हैं। इनके अलावा कम्पनी का बैनिफिट भी प्राइज में शामिल होता है।
गोल्ड ज्वैलरी के पीस में लगे जॉइट्स का कलर कैसे चेंज होता है?
ऐसा हैंड मेड ज्वैलरी में ज्यादा होता है। अक्सर चेन का हुक, कान के झुमकों के जॉइट्स मजबूती के कारण हाथ से बनाए जाते हैं। ज्यादा आग में तपाने के कारण ऐसा होता है। बिना जोड़ के एक पीस या मशीन से बनी ज्वैलरी में ऐसा नहीं होता है।
क्या करें जब गहने पुराने लगने लगें?
गहने अगर ज्यादा पुराने लगने लगें तो मामूली रेट पर उन्हें पॉलिश करवा सकती हैं। ध्यान रखे कि पॉलिश के बाद गहने की मामूली मात्रा कम हो जाती है।
नामी हस्तियों की ज्वैलरी का ऑक्शन जारी
कई नामी हस्तियों ने बुधवार से अपनी ज्वैलरी का ऑनलाइन ऑक्शन शुरू किया है। दो दिन तक चलने वाले इस ऑक्शन से मिलने वाली राशि चैरिटी में दी जाएगी। इन हस्तियों में जयपुर कि महारानी गायत्री देवी भी हैं। इन्होंने वाइट और यलो गोल्ड में सिंगल कैरेट का डायमंड अपनी डिजाइन के अनुसार तैयार करवाया है। इसकी कीमत 4 लाख रुपए है। इससे मिलने वाली राशि ये सवाई जयसिंह ट्रस्ट में देंगी।
अवंती बिड़ला ने भी चार लाख रुपए की कीमत वाली डायमंड रिंग इस ऑक्शन में रखी है। इससे मिलने वाली राशि वे मिड डे मील स्कीम में देंगी। इस ऑक्शन के लिए ईला मैनन ने छह लाख की कीमत वाला डायमंड से सजा पेंडेट बनवाया है। इसे सेल करने से मिलने वाली राशि मैनन सेंट जॉन्स हॉस्पिटल के पिडियाट्रिक फंड में देंगी। गोल्ड और डायमंड से बने इस पेंडेट में राधा-कृष्ण को उकेरा गया है।
डांसर और एक्टर शोभना ने चार लाख रुपए की कीमत के डायमंड के इयरिंग बनवाए हैं। इसके ऑक्शन से मिलने वाली राशि ये कल्पना ट्रस्ट में देंगी। इस ऑक्शन के लिए परमेश्वर गोदरेज ने भी छह लाख रुपए की कीमत का डायमंड का पेंडेंट तैयार कराया है। ऑक्शन से मिलने वाली राशि ये हीरोज प्रोजेक्ट में देंगी।
कैसे खरीदें और बेचें सोना
सोना बेचते वक्त दुकानदार कहता है कि जब भी ज्वैलरी वापस लौटाएंगे तो कुछ परसेंट काटकर दाम मिलेंगे। जब हम उसी ज्वैलर को बेचने जाते हैं तो दुकानदार उसमें कई कमी गिना देता है। हमने इस बारे में ज्वैलर चक्रेश चौपड़ा से बात की। उन्होंने बताया कि सोना बेचते समय ध्यान रखें, उसका सही मूल्य मिले। खरीदते समय ज्वैलर के दावे को सही नहीं मानें। वे सभी बातें किसी आथराइज लैटर या बिल के रूप में आपके पास होना जरूरी है।
तभी उनकी कीमत है। ‘नियम व शर्त्े लागू’ बिल पर लिखा होता है। लोगों को ज्वैलर या गोल्ड कम्पनी से खुलकर जानना चाहिए कि वे नियम और शर्त्े क्या हैं। सही नियम तो है कि ज्वैलरी वापस बेचने पर दुकानदार को मूल्य दस परसेंट लेबर कॉस्ट काटकर ग्राहक को मूल्य वापस देना चाहिए।
सोने को नहीं बनाएं डैड इंवेस्टमेंट
रेट नहीं घटने के कारण सोने को एक अच्छा मनी इंवेस्टमेंट माना जाता है, मगर उसे सिर्फ जमा करते रहने से ही कोई फायदा नहीं होगा। यह कहना है ज्वैलर रमेश सोनी का। वे कहते हैं, भारतीयों को सोने से बहुत प्यार है, मगर लोग इसे घर में जमा रखते हैं। लोगों के पास सोना तो है मगर पैसा नहीं है।
सोना सही इंवेस्टमेंट तभी साबित हो सकता है जब वक्त आने पर वह काम आए। आजकल लोन के लिए भी गोल्ड फायदेमंद साबित हो रहा है। कम्पनियां गोल्ड गिरवी रख कर लोन देने लगी हैं। अगर आपके पास सोना है तो इस मार्केट बूम में फायदा उठाएं।
फायदा देगा गोल्ड
एस नागानथन गोल्ड प्रमोशन से जुड़ी ऑर्गनाइजेशन डी एस पी एम एल के प्रेसिडेंट और सी आई ओ हैं। इन्होंने हाल ही में बयान में कहा, सोने के दाम डॉलर के हिसाब से पिछले तीन माह में दस परसेंट बढ़े हैं। अभी मार्केट में सोने के दाम और बढ़ने की सम्भावना जताई जा रही हैं। यह जनता और इंवेस्टमेंट कम्यूनिटी को लाभ देगा। आने वाले तीन से पांच साल में इसकी सप्लाई और डिमांड में चेंज आएगा। हां, यह पक्का है कि सोने के दामों में स्थिरता आ सकती है, मगर कमी नहीं।